गन प्वाइंट पर इनोवा कार छीनने वाले चारों युवकों को देखिए और अलर्ट रहें। नजर आ जाएं तो तुरंत जानकारी दें। ड्राइवर ने इनके बारे में कई बातें बताई हैं। पंजाब और जम्मू में हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं सुबह छह बजे से ड्राइवर से पूछताछ जारी है। ड्राइवर के मुताबिक, खुद को सेना का अफसर बताकर चारों लोगों ने गन प्वाइंट पर पंजाब में पठानकोट के माधोपुर में कार लूटी। उन्होंने रात को जम्मू रेलवे स्टेशन के पास से पठानकोट के लिए इनोवा हायर की थी। चारों के पास छोटे-छोटे बैग हैं।
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जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के रहने वाले ड्राइवर राज कुमार ने पुलिस को अपने बयान में बताया कि वह छह साल से जम्मू के नीरज रामपाल की गाड़ी चला रहा है। मंगलवार रात 9 बजे के करीब रेलवे स्टेशन के पास टैक्सी स्टैंड के मैनेजर हनी सिंह के पास चार लोग आए। उनकी उम्र 35 से 40 वर्ष के आसपास थी। उनकी हल्की-हल्की दाढ़ी थी।
एक ने मंकी कैप और अन्य तीन ने दूसरी कैप और सादे कपड़े पहन रखे थे। एक ने अपना नाम मेजर सरबजीत सिंह बताकर कहा कि उन्हें पठानकोट जाना है। नंबर के हिसाब से इनोवा (जेके02एडब्ल्यू) का चालक राज कुमार इन्हें लेकर रात नौ बजे के करीब रवाना हुआ। रास्ते में लखनपुर के पास जब कार पहुंची तो चारों ने टैक्स काटने वालों से बहस करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि वे सेना के लोग हैं। बहसबाजी के बीच वे बिना कार्ड दिखाए ही आगे बढ़ गए।
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पठानकोट की ओर चले गए थे चारों
कार हाईजैक करने वाले नौजवान
ड्राइवर राज कुमार ने बताया कि इसके बाद चारों में से एक ने कहा कि उसे शौचालय जाना है। राज कुमार ने जवाब दिया कि आगे ढाबा है। वहां खाना खा लेना और शौचालय भी चले जाना। खाना खाने के बाद वे लोग आगे बढ़े। लगभग 11.30 बजे वे माधोपुर रेलवे स्टेशन के पास पहुंचे तो पिछली सीट पर बैठे एक व्यक्ति ने कहा कि उसे उल्टी आ रही है। गाड़ी कहीं खड़ी करो। गाड़ी रुकने पर कंडक्टर सीट पर बैठे व्यक्ति ने उसका गला दबा दिया।
वह गला छुड़ाकर गाड़ी से बाहर निकला तो उसके अन्य साथी भी गाड़ी से बाहर आ गए और उससे चाबी छीन ली। इसके बाद उन्होंने उसे दोबारा गाड़ी में बिठाया और कहा कि मोबाइल दो, नहीं तो गोली मार देंगे। उन्होंने उसका मोबाइल छीन लिया। ड्राइवर ने बताया कि इस दौरान उसने उन्हें धक्का मारा और तेजी से वहां से भाग गया। इसके बाद चारो आरोपी गाड़ी में बैठकर पठानकोट की ओर फरार हो गए।
सुरक्षा एजेंसियों ने पठानकोट में डाला डेरा
ड्राइवर राज कुमार ने बताया कि किसी तरह रात करीब 12 बजे वह पास के टोल टैक्स नाके पर पहुंचा। यहां से उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी। पिछली बार पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले से पहले इस तरह की घटना होने के कारण सुरक्षा और खुफियां एजेंसियों ने पठानकोट के थाना सुजानपुर में डेरा डाल लिया है।
सीसीटीवी में कैद हुए संदिग्ध
cctv camera
- फोटो : डेमो
इस घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। एसओजी के एसपी संदीप मेहता ने रेलवे स्टेशन जम्मू का दौरा किया। यहां टैक्सी हायर करने की स्लिप देखी। साथ ही सीसीटीवी फुटेज चेक की। इस फुटेज में साफ दिख रहा है कि चार लोग हैं जिन्होंने टोपियां पहन रखी हैं।
एंट्री प्वाइंट पर नाकेबंदी की
सुजानपुर थाना प्रभारी डीएसपी आसवंत सिंह ने कहा कि जांच जारी है। एहतियातन बुधवार सुबह से ही पठानकोट से लगते हिमाचल, जेएंडके और पंजाब के अन्य जिलों के एंट्री प्वाइंटस पर नाकेबंदी कर दी है और वाहनों की जांच की जा रही है।
आईजी बोले- लूट की घटना, जल्द गिरफ्तार होंगे आरोपी
आईजी बॉर्डर जोन सुरिंद्रपाल परमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज देखी जा रही है। प्रथम दृष्टया में यह कोई लूट की घटना मालूम होती है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पठानकोट एयरबेस हमले की तरह प्रायोजित योजना तो नहीं
पठान कोट हमला
- फोटो : PTI
वर्ष जनवरी 2016 को जब लोग नए साल का जश्न मना रहे थे तब एयरबेस के पास आतंकी पहुंच चुके थे, नए साल की पहली सुबह तड़के 3.30 पर पहला फायर हुआ। इससे पहले आतंकियों ने बमियाल के ड्राइवर इकागर सिंह को टैक्सी सहित अगवा किया और नरोट जैमल सिंह तक लेकर आए और उसका कत्ल कर एसपी गुरदासपुर सलविन्द्र सिंह, उनके लांगरी मदन लाल और सुनार दोस्त राजेश वर्मा को घायल कर गाड़ी हाइजैक कर ली।
एसपी सलविन्द्र की गाड़ी में आतंकी गांव नारायणपुर के पास पहुंचे और एसपी, कुक और सुनार को वहीं उतार खुद गाड़ी लेकर आगे चले गए। गाड़ी एयरबेस की दीवार से 300 मीटर दूर मिली। घटना के दूसरे दिन फायरिंग करते एयरबेस के अंदर घुसे और 5 लोगों को गोलियों से छलनी कर दिया। 2 दिन चली मुठभेड़ के बाद 5 आतंकी और 7 जवान शहीद हो गए थे।