पीजीआई के स्थापना दिवस सात जुलाई को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया है। संस्थान की ओर से उन्हें निमंत्रण भेज दिया गया है।
संस्थान की परंपरा के मुताबिक हर स्थापना दिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को बुलाया जाता रहा है। पिछले साल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाब नबी आजाद पहुंचे थे। उससे पहले भी वे यहां आए थे।
फैकल्टी और संस्थान की मांगें रखेंगे
पीजीआई फैकल्टी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि यदि डॉ. हर्षवर्धन आते हैं तो वे उनके सामने फैकल्टी और संस्थान की कई मांगें रखेंगे। फैकल्टी को हाउस नहीं मिल पा रहे हैं और चंडीगढ़ में किराया बहुत ज्यादा है। संस्थान की इमरजेंसी का बुरा हाल है। मरीजों की कोई सुनने वाला नहीं है। न तो इमरजेंसी का दौरा किया जाता है और न ही कोई वाचिंग सिस्टम है।
बड़ी घोषणा कर सकते हैं
डॉ. हर्षवर्धन पेशे से डॉक्टर हैं और वे मरीजों और डाक्टरों की परेशानियों को अच्छी तरह से समझते हैं। इस कारण उम्मीद जताई जा रही है कि वे मरीजों से संबंधित कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद उन्होंने दिल्ली के कई अस्पतालों में अचानक से छापे भी मारे थे और डॉक्टरों को निर्देश दिया था कि वे सभी मरीजों से सलीके से बात करें।
टंडन भी करा चुके हैं हालात से अवगत
भाजपा चंडीगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन ने बीते शनिवार को डॉ. हर्षवर्धन से मुलाकात की। टंडन ने स्वास्थ्य मंत्री को पीजीआई में और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने का आग्रह किया। इस पर उन्होंने आश्वासन दिया कि वे पीजीआई के प्रशासन के अधिकारियों को दिल्ली बुलाकर उनके बताए गए मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।