पंजाब की हॉट सीट मानी जा रही पटियाला सीट पर कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि, कांग्रेस की तरफ पटियाला सीट से अभी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है, लेकिन पूर्व सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी के कांग्रेस का दामन थामने के बाद प्रबल संभावना जताई जा रही है कि पार्टी की ओर से उन्हें ही पटियाला सीट से मैदान में उतारा जा सकता है। कांग्रेस में इसका विरोध भी शुरू हो गया है।
पूर्व विधायक हरदियाल सिंह कंबोज, पूर्व कैबिनेट मंत्री लाल सिंह समेत पंजाब महिला कांग्रेस की अध्यक्ष गुरशरण कौर रंधावा ने टिकट के लिए अपनी-अपनी दावेदारी पेश की है।
घन्नौर हलके से पूर्व कांग्रेसी विधायक मदन लाल जलालपुर का कहना है कि पूर्व सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी अब तक कांग्रेस के खिलाफ गलत बोलते आए हैं। ऐसे में पार्टी को उन्हें टिकट नहीं देनी चाहिए। वैसे भी अभी स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक नहीं हुई है। टिकट का एलान होना बाकी है। उम्मीद है कि पार्टी किसी टकसाली कांग्रेसी को ही टिकट देगी। अगर ऐसा न हुआ तो फिर बैठक करके आगे के बारे में फैसला लिया जाएगा।
उधर डा. धर्मवीर गांधी का कहना है कि लोकतंत्र में टिकट के लिए आवेदन करना हर नेता का अधिकार है, लेकिन वह टिकट पाने के लिए कांग्रेस में शामिल नहीं हुए। उनका मकसद बड़ा है। इसलिए पार्टी हाईकमान उन्हें टिकट दे या न दे, वह हर जिम्मेदारी को ईमानदारी के साथ निभाएंगे। गौरतलब है कि डॉ. गांधी ने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में परनीत कौर को हराया था। उनका राजनेता के साथ-साथ डाक्टर के तौर पर पटियाला के लोगों में काफी प्रभाव है।
परनीत के हक में भी खुलकर आगे नहीं आ रहे टकसाली भाजपाई
परनीत कौर के हक में चुनाव प्रचार करने के लिए भी खुलकर टकसाली भाजपाई आगे नहीं आ रहे हैं। टिकट की घोषणा होने से पहले तो टकसाली भाजपाई दावेदारी पेश कर रहे थे, लेकिन परनीत कौर को मैदान में उतारे जाने के बाद सभी ने चुप्पी साध रखी है। जिला भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष वरुण जिंदल का कहना है कि उनके समेत बाकी कुछ टकसाली भाजपाइयों की पार्टी हाईकमान के साथ बातचीत चल रही है। मिलने का समय जल्द मिलने वाला है। मुलाकात में जो कुछ तय होगा, वह बताया जाएगा।