डॉ. अनुरोध पटेल।
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कोरोना महामारी के दौरान सभी अस्पतालों की ओपीडी बंद थी, लेकिन चंडीगढ़ के पीजीआई की इमरजेंसी व ट्रामा सेंटर खुला रहा। पूरे कोरोना काल में इमरजेंसी सर्जरी कर कई मरीजों की जान बचाई गई। पीजीआई की टीम पूरे मन से लगी रही। इस टीम में न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेंट के सीनियर रेजिडेंस डॉ. अनुरोध पटेल भी शामिल हैं, जिन्होंने कोरोना काल में आए पहले मरीज की सर्जरी की थी।
कोविड के दौरान पीजीआई में पहले पॉजिटिव मरीज की सर्जरी 29 जुलाई को हुई थी। उस मरीज की सर्जरी अनुरोध ने की। अनुरोध के लिए वह दिन उनके जीवन का सबसे यादगार दिन बन चुका है। कोविड-19 के दौरान जब हर कोई संक्रमण के खतरे से भयभीत था, तब न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. एसके गुप्ता ने उन पर विश्वास जताते हुए एक मरीज की सर्जरी करने को कहा, जो कोमा में था।
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आमतौर पर सर्जरी दो घंटे में हो जानी चाहिए थी, लेकिन उस सर्जरी को करने में आठ घंटे लग गए। दरअसल सर्जरी पीपीई किट पहनकर करनी थी। किट पहनने के दस मिनट बाद ही अनुरोध को दिक्कतें शुरू हो गई थीं, लेकिन सहयोगियों ने हौसला बढ़ाया और वे अपने मिशन में कामयाब रहे। इस दौरान उन्होंने दस मरीजों की सर्जरी कर उन्हें नया जीवन दिया।
कोविड कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी निभाई
अनुरोध के काम को देखते हुए पीजीआई प्रशासन ने उन्हें कोविड कोआर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी। इनका मुख्य काम कोविड-19 मरीज की सर्जरी से जुड़ी प्रत्येक व्यवस्था की निगरानी करनी होती है। इस काम करने में उन्हें शुरुआती सात दिन 24 घंटे काम करना पड़ा।
10 महीने बाद मिले परिवार से
अनुरोध का पूरा परिवार लखनऊ में रहता है। अनुरोध कोरोना से पहले अक्तूबर 2019 में लखनऊ गए थे। उसके बाद कोविड-19 के दौरान मिली जिम्मेदारियों को निभाते हुए वह दोबारा अपने परिवार से 10 महीने बाद मिले। अनुरोध ने बताया कि उनके परिवार में उनकी पत्नी गरिमा और बेटा रेयांश, बेटी काव्या के साथ उनके पिता हैं।