चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय की ओर से करवाए जाने वाले सिंडिकेट के चुनाव पर हाईकोर्ट ने 28 फरवरी तक रोक लगाई है। वहीं, अब डीन का चुनाव होगा या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है।
पीयू के वरिष्ठ शिक्षकों का कहना है कि डीन का चुनाव भी तभी होना चाहिए, जब सिंडिकेट का गठन हो। हालांकि पीयू ने इस चुनाव के लिए कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं की है। पीयू के 11 संकायों के लिए डीन चुने जाते हैं। इन संकायों के डीन के लिए सीनेटरों के अलावा संकायों के प्रोफेसर मतदान करते हैं। उसी के आधार पर डीन चुने जाते हैं। कला, विज्ञान, इंजीनियरिंग, कृषि, कानून, मैनेजमेंट आदि संकायों के लिए डीन बनाए जाते हैं।
डीन का कार्य काफी महत्वपूर्ण होता है। विभागों के प्रशासनिक कार्यों को वे मंजूरी देते हैं। पाठ्यक्रम निर्धारण से लेकर तमाम कार्य उनके जरिए होते हैं। वर्तमान में पीयू में डीन नहीं हैं, क्योंकि उनका कार्यकाल पिछले साल खत्म हो गया था और सीनेट के अभाव में डीन नहीं चुने गए। पीयू में इस समय चर्चा का विषय यही बना हुआ है कि डीन का चुनाव होगा या नहीं।
कुछ वरिष्ठ शिक्षक चाहते हैं कि सिंडिकेट के साथ ही डीन बनाए जाएं। वहीं कुछ शिक्षकों ने कहा कि डीन की पीयू को आवश्यकता है। ऐसे में उनका चयन हो जाना चाहिए। पीयू का इस पर क्या रुख है, यह अभी साफ नहीं हो पाया है।