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मौके पर डोनर मुकरा, स्ट्रेचर पर दम तोड़ गई जिंदगी

Tue, 04 Nov 2014 10:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
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स्टेम सेल डोनर के ऐन मौके पर इंकार कर दिए जाने से सीएमसी अस्पताल में बोन मेरो ट्रांसप्लांट कराने के लिए दाखिल 7 साल की हरलीन ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। मंडी गोबिंदगढ़ निवासी हरलीन को 3 अक्तूबर को उसके जन्मदिन से अगले दिन अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
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बच्ची के पिता इंद्रप्रीत सिंह ने अस्पताल और सोसाइटी के खिलाफ थाना डिवीजन नंबर तीन में लापरवाही की शिकायत दर्ज कराई है। इंद्रप्रीत सिंह ने बताया कि उनकी बेटी थैलेसीमिया से पीड़ित थी। हर महीने डीएमसी अस्पताल में उसे खून चढ़ाया जाता था। इससे हरलीन ठीक थी। लेकिन उन्हें किसी ने जानकारी दी कि थैलेसिमिया के मरीजों का पक्का इलाज हो सकता है, तो उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले सीएमसी अस्पताल में ही संपर्क किया। यहां डॉक्टर ने उन्हें बोन मेरो ट्रांसप्लांट की जानकारी दी।

चेन्नई की सोसाइटी को दिए साढ़े आठ लाख रुपये

इंद्रप्रीत ने बताया कि पहले डॉक्टरों ने इस ट्रांसप्लांट के लिए उनके परिवार के सदस्यों के स्टेम सेल की जांच की। जब मिलान नहीं हुआ तो उन्होंने चेन्नई की एक सोसाइटी से संपर्क किया।
वहां उन्हें स्टेम सेल डोनर मिल गया और डॉक्टर ने डोनर से संबंधित सारी प्रक्रिया पूरी कर ली। इंद्रजीत ने बताया कि इस इलाज पर 30-35 लाख का खर्च बताया गया था। उन्होंने सोसाइटी को करीब साढ़े आठ लाख रुपये दे दिए।

‘भरोसा नहीं था तो क्यों शुरू किया इलाज’

इंद्रजीत ने कहा कि डॉक्टर ने डोनर से संपर्क करने से पहले सितंबर में ट्रांसप्लांट की योजना बनाई थी। तीन अक्तूबर को हरलीन का जन्मदिन होने के कारण इसे टाल दिया गया। चार अक्तूबर को डॉक्टर की सलाह पर हरलीन को अस्पताल में दाखिल कराया गया और डॉक्टरों ने हरलीन की कीमो थैरेपी शुरू की।

दो कीमो थैरेपी के बाद उन्हें पता चला कि जिस डोनर से स्टेम सेल मिलने थे, उसने इंकार कर दिया है। इस पर इंद्रजीत ने डॉक्टरों से बात की, तो डॉक्टरों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे चेन्नई में बात कर रहे हैं।

इंद्रजीत का आरोप है कि अस्पताल ने ही डोनर का इंतजाम किया था। यदि अस्पताल को भरोसा नहीं था तो बच्ची का इलाज क्यों शुरू किया गया। और सोसाइटी ने जब रुपये लेकर सब कुछ तय कर लिया तो फिर इंकार क्यों किया गया।
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डोनर को बहुत समझाया था : डॉ. जोसेफ

सीएमसी के डॉक्टर जोसेफ जॉन का कहना है कि डोनर के इंकार करने के बाद ही हरलीन की स्थिति खराब हुई। अस्पताल के डॉक्टरों ने डोनर के घर जाकर भी उसे समझाने का प्रयास किया। उसे वीडियो भी दिखाया कि स्टेम सेल डोनेट करने के बाद सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन वह नहीं माना।

शिकायत मिली है, जांच करेंगे : थाना प्रभारी
थाना डिवीजन नंबर तीन के प्रभारी रणधीर सिंह का कहना है कि  बच्ची के पिता इंद्रप्रीत सिंह ने शिकायत की है। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मामले की जांच की जाएगी।
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