चंडीगढ़ में कर्फ्यू लगने के बाद से विभिन्न संस्थाओं ने जरूरतमंदों की मदद की है। यह भी सच है कि अगर समय रहते सामाजिक संस्थाएं लोगों तक खाना नहीं पहुंचाती तो बहुत से लोग भूखे रह जाते। कर्फ्यू लगाने से पहले प्रशासन की बिल्कुल तैयारी नहीं थी, न खाना पहुंचाने की और न ही लोगों तक राशन और सब्जियां पहुंचाने की। अब स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में आ गई है।
एडवाइजर मनोज परिदा ने वीरवार को ट्वीट किया कि अगर संस्थाओं को दान करना है तो वह गरीबों को सैनिटाइजर, मास्क और सेनेटरी नैपकिन दान करें। खाना पहुंचाने का काम प्रशासन देख लेगा। उन्होंने कहा कि इन चीजों को दान करने से हम गरीब लोगों को संक्रमण से बचा सकते हैं, जबकि लोगों तक खाना पहुंचाने के लिए प्रशासन लगा हुआ है। इसके अलावा बुधवार को भी प्रशासन ने मलोया शेल्टर होम में प्रवासी मजदूरों तक खाना पहुंचाया।
प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई कि बुधवार रात शहर के विभिन्न सेक्टरों की मार्केटों को सैनिटाइज करने का काम किया गया। इसके लिए अलग-अलग सेक्टरों के लिए कई टीमें में गठित की गई हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने दूध की सप्लाई भी सभी सेक्टरों में नियमित रूप से करने का प्रयास शुरू कर दिया है। इससे पहले दूध की सप्लाई न मिलने को लेकर शिकायतें आ रही थीं, जो कि अब कम होती जा रही हैं।