बचपन से ही ख्वाहिश थी कि उर्दू शायरी में एलबम निकालूं, लेकिन जब उर्दू लिख नहीं पाती थीं तो खुद को अपंग महसूस करती थीं। मशहूर उर्दू शायर अंकल बी डी कालिया ‘हमदम’ ने उर्दू में मदद की।
कुछ इन अल्फाज के साथ शनिवार को प्रेस क्लब सेक्टर-27 में पंजाब की मशहूर गायिका डोली गुलेरिया ने अपनी पहली उर्दू गजल एलबम ‘कारवाने जिंदगी’ को रिलीज की।
इस कार्यक्रम में खास मेहमान हरियाणा की चीफ सेक्रेटरी शकुंतला जाखू, आईएएस रिटायर्ड रमेंद्रा जाखू, उर्दू शायर बीडी कालिया ‘हमदम’, उनके पति कर्नल गुलेरिया थे।
कार्यक्रम के मंच का संचालन उनकी बेटी सुनैना ने किया। एलबम की लांच में गायिका के पूरा परिवार खास कर बेटे अमन गुड़गांव से और रिया सहित अन्य परिवार सदस्य पहुंचे।
11 गजलें होंगी इस एलबम में
गायिका ने कहा कि उन्हें गायकी मां से मिली है, लेकिन उर्दू शायरी में उनके पिता का बहुत योगदान रहा है। इस एलबम में 11 गजलें हैं, जिसमें शायर बी डी कालिया की दो गजलों को शामिल किया है।
डोली ने बताया कि इसका शीर्षक भी उन्होंने शायर की एक एलबम से लिया है। इसमें चिराग हसनपुरी, अनवर हुसैन अनवर और आजिम गुरविंदर सिंह कोहली की गजल सुनने को मिलेंगी। उन्हें उर्दू गजल की प्रेरणा ‘फैज अहमद फैज’, अलामा इकबाल और फिराख गोरखपुरी से मिली।
उन्होंने मजाक में कहा कि यह ख्वाहिश पूरी करते करते हुए उन्हें काफी समय लग गया, बूढ़ी हो गई हूं, लेकिन इसका जवाब उनके पति कर्नल गुलेरिया ने मुस्कुराते हुए दिया कि आप बूढ़ी नहीं हुई हैं।
उर्दू के साथ किया इंसाफ
मुख्य मेहमान शकुंतला जाखू, रमेंद्रा जाखू और शायर बीडी कालिया ने कहा कि उन्होंने उर्दू के हर अल्फाज के साथ इंसाफ किया है और इसका प्रयोग बहुत ही सलीके के साथ किया गया।