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पंजाब में कुत्तों का कहर: रोपड़ में पिटबुल ने बच्चे का सिर दबोचा, लुधियाना में दस कुत्तों ने मासूम को नोंचा

Mon, 21 Aug 2023 11:13 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, रोपड़/लुधियाना (पंजाब)

सार

लुधियाना में पांच साल का बच्चा तीमारदारों को खाना लेकर अस्पताल जा रहा था। इसी दौरान आठ से दस कुत्ते उसके पीछे पड़ गए। जब बच्चा चिल्लाया तो आसपास के लोग तुरंत वहां पहुंचे और उन्होंने पत्थर मार कर कुत्तों को भगाया।
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कुत्तों का आतंक
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विस्तार
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पंजाब में कुत्तों का कहर बढ़ता जा रहा है। रोपड़ में एक पालतू पिटबुल ने बच्चे का सिर अपने मुंह में जकड़ लिया वहीं लुधियाना में एक मासूम को आवारा कुत्तों ने नोच डाला। दोनों मामलों में लोगों ने बच्चों को बचाया। 
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कुत्ते को मारकर बचाई जान
रोपड़ के गांव हरिपुर में पिटबुल ने नौ साल के बच्चे को अपना शिकार बना लिया। इस दौरान गांव के लोगों ने कुत्ते को मारकर बच्चे की जान बचाई। पिटबुल कुत्ता रस्सी तोड़कर पड़ोसी के घर में चला गया और नौ साल के बच्चे हर्षदीप सिंह के सिर के बालों को पकड़ लिया। आवाज सुनकर पहुंचे लोगों ने बच्चे के बाल काट दिए ताकि उसे छुड़ाया जा सके लेकिन इसके बाद कुत्ते ने बच्चे के सिर को जकड़ लिया। इसके जबड़े से लड़के की जान को खतरा हो गया और स्थिति गंभीर हो गई। जब कुत्ते ने बच्चे को नहीं छोड़ा तो बच्चे की जान बचाने के लिए कुत्ते को मारना पड़ा। जख्मी बच्चे का अस्पताल में इलाज चल रहा है। एसआई हरमेश कुमार ने बताया कि कुत्ते की मालकिन कमलजीत कौर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

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खाना लेकर जा रहे पांच साल के बच्चे को नोंचा
लुधियाना में पांच साल का बच्चा तीमारदारों को खाना लेकर अस्पताल जा रहा था। इसी दौरान आठ से दस कुत्ते उसके पीछे पड़ गए। जब बच्चा चिल्लाया तो आसपास के लोग तुरंत वहां पहुंचे और उन्होंने पत्थर मार कर कुत्तों को भगाया। लेकिन तब तक कुत्ते बच्चे को पंजे मार चुके थे और वह बुरी तरह घायल हो गया। बच्चे को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया गया। जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

बच्चे के पिता विमलेश कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी की डिलीवरी होनी है। ऐसे में उसे अस्पताल में भर्ती करवाया है। शनिवार को वह 5 वर्षीय बेटे आयुष के साथ खाना लेकर जच्चा-बच्चा अस्पताल जा रहा था। बच्चा धीरे चल रहा था, जिस कारण वह कुछ कदम पीछे था। इतने में करीब 8 से 10 कुत्तों ने आयुष पर हमला कर दिया। बच्चे के चिल्लाने पर वह तुरंत बच्चे की तरफ गया और लोगों की मदद से कुत्तों पर पत्थर मारकर उन्हें भगाया तो बच्चे की जान बच सकी। 
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अस्पताल के पार्क में घूमते हैं कुत्ते
विमलेश ने बताया कि अस्पताल के पार्क में भी कुत्ते घूमते हैं। पार्क में मरीज के रिश्तेदार तक नहीं बैठ सकते। कई लोगों को ये कुत्ते काट चुके हैं। कुत्तों के खौफ के कारण लोगों ने पार्क में बैठना ही बंद कर दिया है। अस्पताल प्रशासन से यदि कोई शिकायत करता है तो वह नगर निगम के सिर भांडा फोड़ देते हैं। अस्पताल में उपचार करवाने आए नितिन ने कहा कि वह अक्सर सिविल अस्पताल में उपचार करवाने आते हैं। करीब 1 सप्ताह में 4 से 5 केस अस्पताल में घूमते कुत्तों के काटने के यहां आते हैं। सेहत प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। पंजाब सरकार कुत्तों के लिए गोशाला की तर्ज पर डॉग पौंड बनाए। अस्पताल की एसएमओ मनदीप कौर ने कहा कि नगर निगम को लिखा है कि इन कुत्तों का ऑपरेशन करवाएं। इनकी संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही हैं। लोगों को आए दिन ये काट रहे हैं।
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