लावारिस कुत्तों के नियंत्रण के बारे में नासिक मॉडल पर किए जा रहे प्रयास के बारे में चंडीगढ़ में नगर निगम ने सोमवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया।
नगर निगम ने कहा कि इसे लागू करवाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। कुत्ते के काटने पर पीड़ित को सब्सिडी के साथ 100 रुपये में एंटी रैबीज वैक्सीन और 50 रुपये में सीरम मुहैया करवाया जाएगा। नगर निगम के एसएमओ डॉ. पीएस भट्टी ने यह जानकारी शपथ पत्र के माध्यम से हाईकोर्ट को दी।
उन्होंने बेंच को बताया कि लावारिस कुत्तों की बड़े पैमाने पर नसबंदी का काम एनजीओ को सौंपने के लिए निविदाएं मांगी गई थीं। इस संदर्भ में निविदाएं आ चुकी हैं। इनका मूल्यांकन किया जा रहा है। जल्द ही एनजीओ का चयन कर लिया जाएगा। एनजीओ रोजाना 16 से 20 कुत्तों की नसबंदी करेगी। एक महीने में 450 नसबंदी का लक्ष्य दिया जाएगा। फिलहाल, कुल 7800 लावारिस कुत्तों में से 40 से 50 फीसदी कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है।
यह भी बताया कि नसबंदी के लिए नगर निगम के अपना ढांचे को विकसित करने के लिए प्रशासन से सेक्टर-38 वेस्ट के पशु चिकित्सालय में जगह की मंजूरी मिल चुकी है। इस पर इंजीनियरिंग विंग ने काम भी शुरू कर दिया है।
डॉग वैन के लिए दो चेसिस खरीदी गई हैं। नवंबर माह में ही वैन तैयार हो जाएंगी। दोनों पशु चिकित्सालयों में एंटी रैबीज वैक्सीन और सीरम का पुख्ता स्टॉक मौजूद है। इसके अलावा हेल्पलाइन पर शिकायतें सुनी जा रही हैं। हाईकोर्ट ने यह जवाब रिकार्ड पर लेते हुए बहस के लिए 17 नवंबर तय की है।