-ओपीडी रही बंद, नहीं हुए ऑपरेशन, सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही रहीं जारी
-12 सितंबर तक रोज तीन घंटे बंद रखेंगे सेवाएं, 16 से इमरजेंसी भी बंद
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के डॉक्टर सोमवार से हड़ताल पर चले गए हैं। इस दौरान सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर आधा दिन ओपीडी बंद रही, जिससे मरीजों को परेशानी हुई। सुबह से ही मरीज अस्पतालों में इलाज के लिए भटकते रहे और इस दौरान पूर्व निर्धारित ऑपरेशन भी नहीं हुए। अस्पतालों में सिर्फ सिजेरियन सेक्शन, इमरजेंसी सर्जरी व सेवाएं ही जारी रहीं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों के अस्पतालों में सुबह 8 से 11 बजे तक डॉक्टरों ने मरीज नहीं देखे।
इस दौरान विभागीय बैठकों व कामकाज का भी बहिष्कार किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि अगर उनकी मांगों को 12 सितंबर तक नहीं माना गया तो वे पूरे दिन की हड़ताल पर चले जाएंगे और 16 सितंबर से इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर देंगे। सरकार की तरफ से बुधवार 11 सिंतबर को डॉक्टरों को बातचीत के लिए बुलाया गया है। पंजाब भवन में सुबह 9.30 वित्त मंत्री हरपाल चीमा की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी डॉक्टरों के साथ बैठक करेगी, जिसमें उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। सोमवार सुबह 8.30 बजे ही डॉक्टर अस्पतालों में हड़ताल पर बैठक गए। कई जगहों पर रोष प्रदर्शन भी हुआ। पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रधान अखिल सरीन ने बताया कि पंजाब के सभी सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर उन्होंने आधा दिन के लिए कामकाज ठप रखा गया। बता दें कि अस्पतालों में डॉक्टरों-मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा, वेतन बढ़ोतरी व खाली पड़े पदों को भरने के लिए ही ये हड़ताल कर रहे हैं।