चंडीगढ़। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने सोमवार को जेनरिक दवाओं को लेकर सख्त निर्देश जारी किए। उनकी ओर से एडवाइजरी में कहा गया है कि सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर सिर्फ जेनरिक दवाएं ही लिखेंगे। अगर किसी विशेष केस में जेनरिक के बजाय ब्रांडेड दवा लिखी जाती है तो डायरी में उसका रिकॉर्ड रखा जाएगा। डायरी में ब्रांडेड दवा के साथ कारण भी लिखना होगा कि जेनरिक के बजाय ब्रांडेड दवा क्यों लिखी गई।
बता दें कि पीजीआई को मई व जून में जेनरिक दवाओं को लेकर निर्देश जारी किए गए थे। गर्ग ने जीएमसीएच-32 के प्रिंसिपल निदेशक और स्वास्थ्य व परिवार कल्याण के निदेशक को कहा है कि वह सुनिश्चित करें कि किसी भी सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की ओर से जेनरिक दवाओं की जगह ब्रांडेड दवाएं नहीं लिखी जाएं। अगर कहीं कोई डॉक्टर निर्देशों की अवहेलना करता है तो उस पर बनती कार्रवाई की जाए। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से जेनरिक दवाओं को लेकर जनवरी में भी निर्देश जारी किए गए थे, जिससे मरीजों को सस्ती और अच्छी दवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। इसके साथ ही इलाज को मरीजों के लिए सुलभ बनाया जा सके।