मेले के उद्देश्य की प्रशंसा करते हुए मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी इलाज पद्धतियां हमारी रिवायती तकनीकों में से एक है। जड़ी-बूटियों से कई ऐसे रोगों को इलाज संभव है जो एलोपैथी में भी नहीं है।
पंजाब सरकार की सरबत सेहत बीमा योजना का विशेष जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि इस स्कीम के तहत 35 लाख कार्ड बन चुके हैं और तकरीबन 22 हजार मरीज अब तक अपना इलाज करवा चुके है। अमेरिका और कनाडा जैसे विकासशील देशों की तर्ज पर शुरू की गई यह स्कीम पंजाब के लिए वरदान साबित हो रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने किया मेले के स्टालों का मुआयना
उद्घाटन सेशन के दौरान आयुष कमिश्नर मनवेश सिद्धू ने बताया कि पंजाब में 569 आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियों, 99 होम्योपैथी डिस्पेंसरियों और 33 यूनानी डिस्पेंसरियां लोगों को सेहत सहूलियतें दे रही है। लोगों को तंदुरुस्त करने में इन इलाज प्रणालियों और आयुष विभाग की अहम भूमिका है। स्वास्थ्य मंत्री ने मेले के दौरान सरकारी विभागों और कंपनियों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण भी किया। साथ ही प्रदान की जा रही सहूलियतों के बारे में जानकारी भी प्राप्त की।