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गजब है! डॉक्टर ने घर से फोन पर की जांच फिर नर्स को कहा, रेफर कर दो

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- फोटो : File Photo
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सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों के लिए उनकी जान बचाने के लिए पल पल महत्वपूर्ण है। लेकिन शहर में सुविधाओं के अभाव में पीएचसी में इलाज के बजाय केवल नर्स या अटेंडेंट उसे रेफर कर देते हैं। सड़क हादसे में घायल तड़पता रहा, लेकिन डॉक्टर साहब अस्पताल में नहीं मिले, शनिवार को देर रात शहर के फोरेस्ट कॉम्प्लेक्स के सामने हुई सड़क दुर्घटना में एक बाइक सवार को इनोवा ने टक्कर मार दी।
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गंभीर घायल बाइक सवार प्रवीन निवासी धर्मपुर कॉलोनी को लोग इलाज के लिए पीएचसी पहुंचे तो मौजूद नर्स ने डाक्टर को फोन पर संपर्क किया। इस पर डॉक्टर ने मरीज को रेफर करने को कहा गया। फिलहाल मरीज चंडीगढ़ के एक सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन है।

लोगों ने जताया रोष
दुर्घटना में  घायल मरीज को पीएचसी लाने वाले लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि पीएचसी में  कम से कम एक डाक्टर को ड्यूटी पर होना चाहिए। अधिकतर रात के वक्त देखा गया है  कि पीएचसी में डॉक्टर नहीं होते और अगर मरीज के इलाज के लिए डॉक्टर के पास कॉल की जाती है तो बिना मरीज देखे ही डाक्टर मौके पर मौजूद नर्स को मरीज को रेफर करने के लिए कह देता है।
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लोगों ने कहा कि रात के समय पीएचसी में एक डॉक्टर की मौजूदगी जरूर है। क्योंकि मौके पर मौजूद नर्स केवल डाक्टर के कहे अनुसार केवल पट्टी या दवाई दे सकती है, वह मरीज का इलाज नहीं कर सकती। डॉक्टर ही मौके पर मरीज को देख कर इलाज कर सकता है और गंभीर हालत में रेफर करता है।

रात में पीएचसी में डॉक्टर के मौजूद रहने का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि डाक्टर ऑन कॉल हैं। अगर रात के समय पीएचसी से डॉक्टर को कॉल आती है तो उसे पीएचसी में पहुंचना चाहिए। कॉल करने के बाद भी डॉक्टर नहीं पहुुंचा है तो मामले की जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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 वीके बंसल, सीएमओ, पंचकूला
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