मौत से जूझ रहे डीएसपी भगवान दास ने सोमवार को सुबह अंतिम सांस ली। हांसी ट्रिपल मर्डर केस में नामजद डीएसपी भगवान दास ने 15 मार्च को सुबह करीब साढ़े नौ बजे मोगीनंद स्थित पुलिस लाइन में अपने सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली थी। पिछले 12 दिन से डीएसपी भगवान दास अलकेमिस्ट अस्पताल के आईसीयू वार्ड में वेंटिलेटर पर थे। सुबह करीब 10 बजे अलकेमिस्ट अस्पताल में इलाज के दौरान डीएसपी की मौत हो गई।
एसीपी लॉ एंड ऑर्डर दलीप कुमार ने बताया कि घटना वाले दिन मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया था। जिसमें लिखा था कि ‘मैं जिल्लतभरी जिंदगी नहीं जी सकता। मुझे और मेरे भाई को जानबूझकर मर्डर केस में फंसाया जा रहा है।’ एसीपी दलीप ने कहा कि जो सुसाइड नोट बरामद हुआ है। उसमें आठ लोगों को डीएसपी ने अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है, उनमें बलबीर, संदीप, रामकुमार व उसके चारों बेटे संजय, अमित, देव, पिन्नु और रामेश्वर, जितेंद्र हैं। वहीं पुलिस ने डीएसपी के भाई की शिकायत पर जिन 16 लोगों पर केस दर्ज किया वह बलबीर सिंह, संजय, अमित, देव, पिन्नु, संदीप, राजेश, रमेश्वर, रविंद्र, दीपक, गोलिया, धर्मबीर, कुलदीप, संदीप, मंदीप और संदीप हैं। आरोपियों में तीन लोग संदीप नाम के हैं। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
15 मार्च को सुबह मारी थी गोली
गौरतलब है कि हांसी के शेखपुरा गांव में होली के दिन हुई फायरिंग में 3 लोगों की मौत के मामले में डीएसपी भगवान दास का नाम सामने आया था। इसके फौरन बाद 14 मार्च को डीएसपी भगवान दास को पंचकूला स्थित पुलिस हेडक्वार्टर में अटैच कर दिया गया था।
15 मार्च को डीएसपी भगवान दास मोगीनंद स्थित पुलिस लाइन के जीओ मेस के कमरा नंबर 104 में ठहरे हुए थे। इसी दिन सुबह डीएसपी ने पुलिस लाइन में रिवाल्वर से सिर में गोली मार ली थी। इसके बाद गंभीर हालत में उन्हें सेक्टर-21 के अलकेमिस्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था।