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ग्राउंड रिपोर्ट: PGI ने टेक्नीशियन बढ़ाए नहीं, सैंपलिंग का समय घटा दिया

Tue, 28 Mar 2017 09:30 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पीजीआई चंडीगढ़ - फोटो : File Photo
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पीजीआई ने न्यू ओपीडी कलेक्शन सेंटर में टेक्नीशियन तो बढ़ाए नहीं, उल्टा सैंपलिंग काउंटर को आधे घंटे पहले बंद करने के आदेश जारी कर दिए। पहले साढ़े 12.30 बजे तक न्यू ओपीडी में सैंपल लिए जाते थे, लेकिन इसी महीने से समय घटाकर 12 बजे तक कर दिया गया है। इससे रोजाना सैकड़ों मरीज बिना सैंपल दिए लौट रहे हैं। दूसरी तरफ टेक्नीशियन नहीं होने से मरीजों को सैंपल देने में काफी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सोमवार को सैंपलिंग के लिए कुल 1087 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। साढ़े 12 बजे तक सिर्फ 550 मरीजों का ही सैंपल लिया गया था। आधे से ज्यादा मरीज इंतजार में खड़े थे। सोमवार को करीब दो बजे तक सैंपलिंग का काम चला।
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15 काउंटर, टेक्नीशियन सिर्फ चार 
कलेक्शन सेंटर में धीमी गति से सैंपलिंग होने के पीछे पीजीआई प्रशासन की लापरवाही बताई जा रही है। न्यू ओपीडी के कलेक्शन सेंटर में कुल 15 काउंटर बनाए गए हैं। इनमें नौ काउंटर चल रहे हैं, जिसके लिए सिर्फ चार टेक्नीशियनों की ड्यूटी लगाई गई। बाकी पांच स्टूडेंट काम कर रहे हैं। भीड़ के हिसाब से हर काउंटर पर एक टेक्नीशियन की ड्यूटी होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

टेक्नीशियन की कमी से मरीज का इंतजार बढ़ा
मरीज की बढ़ती भीड़ और टेक्नीशियन की कमी होने से सैंपलिंग का काम प्रभावित होने लगा है। पहले साढ़े 12 बजे तक सैंपलिंग का काम खत्म हो जाता था, लेकिन अब दो बजे तक काम चलता है। यानी मरीज को दो से ढाई घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है।  इससे न सिर्फ मरीज परेशान हुए बल्कि स्टाफ को भी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा।
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रोजाना 250 से ज्यादा मरीज वापस लौट रहे हैं

पीजीआई - फोटो : File Photo
रोजाना 250 से ज्यादा मरीज वापस लौट रहे हैं
सैंपलिंग धीमी गति से होने पर उसका समाधान ढूंढ़ने के बजाए पीजीआई प्रशासन ने कलेक्शन सेंटर को आधे घंटे पहले बंद करने का आदेश दे दिया। इससे सबसे ज्यादा नुकसान उन मरीजों का हो रहा है जो दूर-दराज से आते हैं। उन्हें सैंपल दिए बिना वापस लौटना पड़ता है। जब समय साढ़े 12 बजे था, तभी रोजाना दो सौ से ज्यादा मरीज वापस लौटता था। अब आधा घंटा पहले बंद करने से करीब 250 से ज्यादा मरीज सैंपल दिए बिना घर लौट रहा है। दरअसल अधिकतर ओपीडी में डाक्टर साढ़े नौ बजे के बाद ही आते हैं। मरीजों की असली भीड़ 11 बजे आना शुरू होती है। यानी जब मरीज आना शुरू होते, तभी सैंपलिंग सेंटर के बंद होने का समय हो जाता है।

मैं सुबह पांच बजे घर से चला था। आठ बजे पीजीआई पहुंचा और लाइन में लग गया। 12 बजे जब डाक्टर ने देखकर टेस्ट के लिए भेजा तो पता चला कि काउंटर बंद हो चुका है। मैंने कई बार गुहार लगाई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अब मुझे कल फिर से आना पड़ेगा।
सतपाल सिंह, कैथल

काउंटर का समय बढ़ाना चाहिए, लेकिन यहां पर उल्टा समय कम रहे हैं। जबकि साइन बोर्ड में समय 12.30 बजे लिखा। मैं पटियाला से आई हूं। बड़ी मुश्किल से छुट्टी मिली थी। कल मुझे छुट्टी नहीं मिलनी है। इसलिए मैं अब टेस्ट प्राइवेट लैब में करवाउंगी।
कुलविंदर कौर, पटियाला

अब तक  कलेक्शन सेंटर का स्टाफ स्वीकृत नहीं हुआ है। मुख्य कलेक्शन सेंटर से स्टाफ को ट्रांसफर किया गया है। जल्द ही इस बारे में फैसला लिया जाएगा।
मंजू वडवालकर, प्रवक्ता पीजीआई
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