मेरी छोटी बहन ने मुझे हमेशा तैयारी के प्रोत्साहित किया। रात को पढ़ाई करते समय मैं कई बार थक जाती थी तो आधी रात को नींद से उठकर मुझे दूध बनाकर देना और हमेशा मुझे शांत रखने की कोशिश करती, ताकि मैं अच्छे से पढ़ाई कर सकूं। परीक्षा के दिनों में आपको शांत रहने की खास जरूरत होती है। ऐसे में वह मुझसे बात करती और परेशानियों को दूर करती, ताकि मैं किसी भी तरह के तनाव में न रहूं। तैयारी मैं करती थी लेकिन हर रोज मेरे साथ मेरा परिवार भी परीक्षा दे रहा था। यूपीएससी की तैयारी दो-चार महीने की नहीं होती। मैंने रिश्तेदारों और दोस्तों से दूरी बनाते हुए खुद को सिर्फ पढ़ाई में झोंक दिया। बेहतर तरीके से पढ़ाई हो सके इसलिए मैंने नौकरी जाॅइन नहीं की। मैं रोज कम से कम 9 घंटे पढ़ाई करतीं। पारिवारिक समारोह में नहीं जाती थी, ताकि पढ़ाई का समय खराब नहीं हो।
नकली साक्षात्कार में आपको सलीका ही बता सकते हैं लेकिन वह असली साक्षातकर से बहुत अलग होता है। पहले मैं यही सोच रही थी कि यह साक्षात्कार सही हुआ तो मेरी पूरी जिंदगी ही बदल जाएगी।
मंगलवार को परिणाम घोषित होने की जानकारी मुझे मिल गई थी लेकिन हिम्मत ही नहीं हो पा रही थी कि मैं परिणाम देख पाऊं। ऐसे में करीब आधे घंटे बाद मुझे बधाई का संदेश आया। मुझे मेरे पास होने की जानकारी तो मिल गई। इसके बाद मैंने पीडीएफ खोली और अपनी रैंक देखी।
पिता की मौत के आठ साल बाद उनके सपने को साकार कर पाई : रिया काैर
पिता की मौत के आठ साल बाद उनके सपने को साकार कर पाई हूं। उनको समाजसेवा करते देख ही मैंने सिविल सर्विस में जाने का फैसला किया था। यह बताते हुए रिया काैर सेठी एकाएक चुप हो गईं लेकिन फिर थोड़ा रुकते हुए उन्होंने बताया कि पिता जी भी चाहते थे कि मैं सिविल सर्विस जाॅइन करूं, उनके दुनिया से जाने के बाद उनका यह सपना पूरा हो पाया। इसके लिए तीन बार पहले भी लिखित परीक्षा और एक बार साक्षात्कार भी दिया। अब चाैथी बार लिखित परीक्षा देने व दूसरी बार में साक्षात्कार में सफल हो पाई। यह सफलता उन्होंने स्व-अध्ययन और एआई के माध्यम से की गई तैयारी के आधार पर हासिल की है। उन्होंने बताया कि जब यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी तो मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी। इसके बाद स्व-अध्ययन के दौरान जब भी कोई संदेह होता तो लैपटाॅप पर एआई के माध्यम से उस टाॅपिक पर रिसर्च करती। अपने संदेश दूर कर तैयारी करती। रिया ने अपनी शुरुआती पढ़ाई मोहाली में की। इसके बाद स्कूलिंग चंडीगढ़ के सेक्टर-26 के सेंट कबीर से की। 12वीं भवन विद्यालय चंडीगढ़ से पास करने के बाद दिल्ली से इकोनॉमिक्स ऑनर्स और पब्लिक पॉलिसी में मास्टर डिग्री हासिल की।