शहर में मर्सिडीज के मार्केटिंग हेड अनुराग सिंगला का मानना है कि बाजार त्योहारी मौसम के दौरान काफी सुधरे हैं। लग्जरी कार कंपनियों की भी इस बार दिवाली धमाकेदार है। नए लांच हुए मॉडल्स के दम पर लग्जरी कारों के बाजार में भी ग्राहक उमड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जून के महीने से कारों की बिक्री शुरू हो गई थी।
अगस्त, सितंबर और अक्तूबर के महीने में बाजार ने रफ्तार पकड़ी और नवंबर के महीने में लग्जरी कारों की बिक्री पिछले साल से भी ज्यादा हो गई। उन्होंने बताया कि बीते कुछ महीनों से ट्राइसिटी में हर महीने औसतन सिर्फ मर्सिडीज की 25 कारें बिक रही हैं।
धनतेरस के मौके पर सिर्फ चंडीगढ़ में उन्हें पांच कारों की डिलीवरी देनी है। उन्होंने कहा कि ऐसे में कारों की बिक्री की यह रफ्तार साल के अंत तक देखी जा सकती है। संजय दहूजा ने बताया कि जुलाई से ही यह बात सामने आ रही थी कि लोग छोटी कार खरीद रहे हैं।
खासतौर पर 10 लाख रुपये के अंदर की। अधिमास में भी खूब कारें बिकीं और उसके बाद नवरात्र में तो कारों की बिक्री ने पिछले वर्ष का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया। कारों के लिए लगातार इंक्वायरी आ रही थीं। अब यह स्थिति है कि उनके पास जो भी स्टॉक था, उसे ग्राहक धनतेरस से दिवाली के बीच उठाने के लिए बुक कर चुके हैं।
शहर में टू-व्हीलर की बिक्री में खास इजाफा नहीं हुआ है। सेक्टर-43 स्थित प्लैटिनम होंडा के सुशील दत्ता का कहना है कि अभी पिछले कुछ महीनों में जो नुकसान हुआ है, उसी की भरपाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टू-व्हीलर के ज्यादा नहीं बिकने के कई कारण हैं। कहा कि टू-व्हीलर खरीदने वाले ज्यादातर अभी तक अपनी नौकरी को लेकर सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
कोविड की वजह से उन पर काफी असर पड़ा है। प्रवासी मजदूर भी अभी तक शहर नहीं लौटे हैं। वह टू-व्हीलर मार्केट में बहुत अहम रोल अदा करते हैं। इसके अलावा अभी तक शहर के स्कूल, कॉलेज व इंस्टीट्यूट नहीं खुले हैं। विद्यार्थी स्कूल-कोचिंग आदि जाने के लिए भी टू-व्हीलर खरीदते हैं।
सुशील दत्ता ने बताया कि लोन पर टू-व्हीलर लेने वाले लोगों की संख्या में 10 से 15 प्रतिशत की कमी आई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि एक्टिवा की बिक्री पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। उन्होंने बताया कि धनतेरस और दीवाली के मौके पर 150 एक्टिवा की डिलीवरी होनी है।