ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर एक अजीब मामला सामने आया है। जहां एक ओर लोग डीटीओ ऑफिस के चक्कर लगाकर भी लाइसेंस नहीं बनवा पाते हैं तो वहीं विभाग ने मलेशिया में रह रही एक महिला का ड्राइविंग लाइसेंस बना डाला। गजब की बात ये कि महिला का न कोई ड्राइविंग टेस्ट लिया गया और न ही पहले लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की जहमत उठाई गई। मामला पंजाब के अमृतसर का है।
डीटीओ की इस लापरवाही का खुलासा कांग्रेस पार्टी के लीगल सेल के प्रधान वकील वनीत महाजन ने किया है। उन्होंने पत्रकारों को बताया रुपल महाजन का ड्राइविंग लाइसेंस 8 सितंबर 2018 को डीटीओ दफ्तर से जारी किया गया है। रुपल महाजन अप्रैल 24 को मलेशिया चली गई थी। उन्होंने कहा जो महिला देश में नहीं है, उसका लाइसेंस कैसे बन गया।
उन्होंने आरोप लगाया की दफ्तर के अधिकारियों व एजेंटों की मिली भगत से लाइसेंस बना है। इस दफ्तर में धांधली हो रही है। इसकी जानकारी वह मुख्यमंत्री को देंगे। इस आरोप पर डीटीओ रजनीश ने कहा की प्रतिदिन 200 से अधिक लाइसेंस बनते हैं। हो सकता है कहीं चूक हो गई हो, इसका मतलब यह नहीं की दफ्तर में भ्रष्टाचार हो रहा है ।