जनता दरबार में गुरुवार को सीएम मनोहर लाल एक्शन मोड में दिखे। जन सुनवाई के दौरान अनुपस्थित मिले जिला रोजगार अधिकारी को उन्होंने सस्पेंड करने के निर्देश दिए। वहीं उपभोक्ता के बिजली बिल दो बार माइनस में भेजे जाने के मामले में सीएम ने विभाग के दो क्लर्कों को सस्पेंड कर दिया है।
सीएम के जनता दरबार में निर्धारित सौ शिकायतों की सुनवाई की गई। जन सुनवाई को एक घंटा सात मिनट बीतने के बाद टोकन नंबर-27 पर गीता का नाम पुकारा गया। उसने सीएम से रोजगार दिलवाने की मांग की। इस पर सीएम ने सक्षम पर नाम दर्ज करवाने की बात कही। शिकायतकर्ता ने कहा कि रोजगार विभाग उसका सक्षम में सीधे नाम दर्ज नहीं कर रहा है। इस पर सीएम ने जिला रोजगार अधिकारी को बुलाया।
यह भी पढ़ें- अब हरियाणा में बनेंगी लिथियम बैटरी, जापानी कंपनी लगाएगी कारखाना, चीन को झटका
इसके बाद डीसी ने भी जिला रोजगार अधिकारी को आवाज दी। कई बार मंच से बुलाने के बाद भी जब जिला रोजगार कार्यालय से कोई भी अधिकारी और कर्मचारी नहीं आया तो सीएम ने जिला रोजगार अधिकारी राजेश सांगवान को सस्पेंड करने के निर्देश जारी किए। साथ ही कहा कि अनुपस्थिति का सही तथ्य पेश करने के बाद ही बहाली पर विचार किया जाएगा।
बिजली बिल गलत होने पर संबंधित क्लर्क पर कार्रवाई के दिए निर्देश
सुनवाई के करीब पौने दो घंटे बीतने के बाद टोकन नंबर 46 पर पहुंचे शिकायतकर्ता अजय कुमार ने बताया कि उनका बिजली का बिल दो बार माइनस में आया है। सीएम ने निगम के अधिकारियों से इस पर जवाब मांगा तो बताया गया कि ऐसा गलती से हुआ है। सीएम बोले-गलती एक बार होती है। दूसरी बार तो लापरवाही कही जाएगी। पूछने पर कार्यकारी अभियंता ने बताया कि दो क्लर्कों की ओर से बिजली बिल तैयार किया जाता है। इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया और दोनों को सस्पेंड करने के निर्देश दिए।