सालों पहले चंडीगढ़-लुधियाना रेलवे लाइन के लिए एक्वॉयर की गई जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं देने के मामले में जिला अदालत ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने अंबाला-कालका एक्सप्रेस, अमृतसर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस के इंजन व मोहाली रेलवे स्टेेशन को कुर्क करने के आदेश दिए है।
मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। कोर्ट ने साफ किया है कि अगर तय समय में रेलवे ने भुगतान नहीं किया तो इन चीजों की नीलामी कर पैसा वसूल किया जाएगा। इस संबंध में कंबाली निवासी बच्चन सिंह ने केस दायर किया था।
किसान के वकील गुरविंदर सिंह संधू ने बताया कि इलाके के कुछ किसानों कि 258 कनाल आठ मरले चंडीगढ़ अमृतसर रेलवे लाइन व रेलवे स्टेशन के लिए एक्वॉयर की गई थी। जमीन एक्वॉयर करने की प्रक्रिया 1999 में शुरू हुई थी। इस दौरान गांव कंबाला और कंबाली की जमीन 2001 में एक्वॉयर हुई थी। जब जमीन एक्वॉयर की गई थी तो उस सम प्रति एकड़ किसानों को जमीन का दस लाख रुपये मुआवजा दिया गया था। बच्चन सिंह नाम के किसान की इस दौरान 56 कनाल जमीन एक्वॉयर हुई थी। इसके अलावा कुछ और किसानों की जमीन भी इसके साथ आई थी।