जिला सेशन जज मानसा की अदालत ने हत्या के मामले में एक को फांसी की सजा सुनाई जबकि अन्य छह आरोपियों को सुबूतों के अभाव मे बरी कर दिया।
जानकारी के अनुसार सरदूलगढ़ में एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने वाले युवक गुरप्यार सिंह निवासी गांव फत्ता मालोका ने गांव भम्मे कला निवासी सिमरजीत कौर जो कि सरकारी अध्यापिका थी, के साथ 29 सितंबर 2014 को हाईकोर्ट में शादी की थी।
इससे लड़की का परिवार नाखुश था। 16 अप्रैल 2015 की सुबह गुरप्यार सिंह व उसकी पत्नी सिमरजीत कौर रोजाना की तरह बाइक पर ड्यूटी पर सरदूलगढ़ जा रहे थे। रास्ते में गिल पेट्रोल पंप के पास कार सवार कुछ लोगों ने पहले बाइक को टक्कर मारकर दंपति को गिराया और फिर उन पर फायरिंग कर दी। इस दौरान सिमरजीत कौर की मौके पर ही मौत हो गई।
गुरप्यार सिंह की शिकायत पर पुलिस ने 16 अप्रैल 2015 को मृतका के पिता गमदूर सिंह, भाई सुखविंदर सिंह, बूटा सिंह, जग्गी सिंह, बब्बी निवासी भम्मे, गगनदीप सिंह निवासी रतिया व मामा के बेटे मक्खन सिंह निवासी फत्ता मालोका के खिलाफ मामला दर्ज किया।
केस की सुनवाई करते हुए जिला व सेशन जज मानसा मनदीप कौर पन्नू की अदालत ने मक्खन सिंह को फांसी की सजा सुनाई है। वहीं अन्य को बरी कर दिया गया।