हाल ही में जब उन्होंने कुछ फैसलों को लेकर कैप्टन के खिलाफ आलाकमान से शिकायतें की थीं। इसके बाद से आलाकमान भी उनसे कन्नी काटने लगे हैं। मंत्री और महिला अधिकारी के बीच उक्त मामले की चर्चा के बीच ही राजनीतिक हलकों में यह कयास भी शुरू हो गए हैं कि मुख्यमंत्री के पंजाब लौटते ही मंत्री की छुट्टी होना तय है। दरअसल कांग्रेस आलाकमान मीटू मामले में ही केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर के खिलाफ अभियान चलाकर मोदी सरकार को बैकफुट पर ला दिया था, लेकिन अब अपनी पार्टी के नेता के खिलाफ मामला उठने पर कांग्रेस के लिए विचित्र स्थिति बन गई है।
महिला अफसर की शिकायत पर मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की है : कैप्टन
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस संबंध में बुधवार को इस्ररायल से बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला कुछ हफ्ते पहले मेरे नोटिस में लाया गया था और मैंने मंत्री से माफी मांगने और महिला अधिकारी के साथ इसे हल करने को कहा था। मैं समझता हूं कि मंत्री ने महिला अधिकारी की आपत्ति दूर करने के लिए उनसे माफी मांगी और इस प्रकार मामला हल हो गया था। महिला अधिकारी ने भी कार्रवाई पर संतोष जाहिर किया था।
महिला अफसर को तंग करने वाले मंत्री बर्खास्त हो : आप
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब की महिला नेताओं ने मांग की है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने उस कैबिनेट मंत्री को तुरंत बर्खास्त करें, जिस पर एक उच्च महिला अधिकारी ने तंग करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। जारी बयान में महिला विंग की सूबा प्रधान राज लाली गिल और सह-प्रधान जीवनजोत कौर ने कहा कि एक मंत्री का ऐसा अनैतिक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने इस मुद्दे पर कैप्टन के साथ-साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रधान राहुल गांधी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। जीवनजोत कौर ने कहा कि कैप्टन और कांग्रेस सुप्रीमो राहुल गांधी यदि मामला ध्यान में आते ही मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करते तो पूरे देश में एक सख्त और स्पष्ट संदेश जाता।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मांग की है कि वे अपने उस कैबिनेट मंत्री को बेनकाब करें, जिन्होंने एक महिला अधिकारी को मैसेज भेजकर परेशान कर रखा है। सुखबीर बादल ने सवाल किया है कि कैप्टन और कांग्रेस प्रधान राहुल गांधी दोषी मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने से क्यों झिझक रहे हैं।
बुधवार को जारी एक प्रेस बयान में अकाली दल के प्रधान ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक डेढ़ महीना पहले एक महिला अधिकारी को अश्लील मैसेज भेजने वाले कैबिनेट मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि महिला अधिकारी द्वारा यह मामला अपने सीनियर अधिकारियों और मुख्यमंत्री के ध्यान में लाए जाने के बावजूद इसे रफादफा करने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को तुरंत लोगों को बताना चाहिए कि वह दोषी मंत्री का नाम सार्वजनिक न करके और उसे कैबिनेट से बाहर न करके वे इस घटिया हरकत को छिपाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? बादल ने कहा कि शर्म की बात है कि राहुल गांधी, जिन्हें इस मामले की जानकारी दी जा चुकी है, वो भी बीते एक महीने से इस मुद्दे पर चुप्पी साधे बैठे हैं।