एक पंजाबी टीवी चैनल पर चल रही डिबेट तब काफी तल्ख हो गई, जब इसमें शामिल कांग्रेस और अकाली दल के प्रतिनिधि आपस में भिड़ गए। दोनों ही तरफ से तीखी नोंकझोंक के बीच चैनल के एंकर और वहां मौजूद अन्य लोगों ने किसी प्रकार बीच-बचाव किया।
डिबेट में अकाली दल की ओर से सीपीएस एनके शर्मा और कांग्रेस की ओर से मीडिया पैनलिस्ट गुरविंदर बाली तथा भाजपा की ओर से सरकार के असिस्टेंट मीडिया एडवाइजर विनीत जोशी केअलावा एक पत्रकार भी शामिल थे। इसी दौरान भ्रष्टाचार और जमीन पर कब्जे के आरोपों के बीच माहौल गरम हो गया। शर्मा और बाली एक -दूसरे पर गंभीर आरोप लगाने लगे। बाली ने आरोप लगाया कि शर्मा अपना आपा खो बैठे।
उन्होंने पहले तो उठकर उनकी कुर्सी पर लात मारी। कुर्सी नीचे गिर कर टूट गई और वह गिर पड़े। उसके बाद शर्मा ने उनके मुंह पर मुक्का मार दिया। हालांकि बाद में शर्मा ने उनसे दो बार माफी मांगी। वहां मौजूद लोगों के प्रयास से मामला निपटा।
बाली ने यह भी स्वीकार किया कि दोनों के बीच गाली-गलौज भी हुई। बाली ने कहा कि कांग्रेसी होने के नाते वह हर मंच पर पार्टी का पक्ष रखेंगे, लेकिन एक मुख्य संसदीय सचिव को ऐसा बर्ताव नहीं करना चाहिए। उधर, एनके शर्मा ने मारपीट की बात से इंकार किया है। उन्होंने कहा है कि किसी मुद्दे पर उनकी बाली के साथ तीखी बहस जरूर हुई थी, लेकिन हाथापाई जैसा कुछ नहीं हुआ। उधर, यह वाकया सियासी हलकों में पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।
शर्मा को गिरफ्तार किया जाए - कैप्टन
प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक टीवी चैनल पर डिबेट के दौरान पार्टी नेता गुरविंदर बाली पर सीपीएस एनके शर्मा द्वारा हमला करने की निंदा की है। उन्होने मांग की कि शर्मा पर अपराधिक मामला दर्ज करके उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। कैप्टन ने कहा कि यह अकाली विधायक की हेकड़ी है कि उन्होंने कानून अपने हाथ में ले लिया। लेकिन अकालियों का काउंट डाउन शुरू हो चुका है और उनको इसके नतीजे भुगतने होंगे। सिर्फ छह महीने की बात है। ऐसे लोग टीवी स्टूडियो के बजाय सलाखों के पीछे होंगे।