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अनिल विज बोले, न मैं पीता हूं, न पिलाता हूं, हुड्डा ने बंसीलाल का किस्सा सुना ली चुटकी

Wed, 26 Feb 2020 01:46 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • घरों में शराब की बोतले रखने के परमिट पर सदन में चल रही बहस में गहमागहमी।
  • कांग्रेस-भाजपा के विधायकों ने एक-दूसरे पर जमकर कसे तंज।
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अनिल विज, भूपेंद्र सिंह हुड्डा
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विस्तार
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विधानसभा में नई एक्साइज पॉलिसी पर बहस चल रही थी। बात हुई कि घरों में शराब की इतनी ज्यादा मात्रा रखने के लिए सरकार परमिट क्यों जारी कर रही है। सरकार इस मात्रा को कम क्यों नहीं करती। कांग्रेसी विधायक लगातार इस मामले में सरकार की घेराबंदी में लगे हुए थे। घर-घर में ठेका खुलने का आरोप लगा रहे थे। आबकारी मंत्री दुष्यंत चौटाला भी विपक्ष के वार पर पलटवार भी कर रहे थे।

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मगर बीच में अनिल विज अचानक ही कूद पड़े। विज ने सदन में चुटकी लेते हुए कहा ‘अच्छा हुड्डा साहब ये बताइए, क्या आपने अपने घर में शराब रखने के लिए परमिट लिया है।’ बस, इतनी बात कहनी थी कि कांग्रेसी विधायकों में उबाल आ गया। विधायक शकुंतला ने तुरंत पलटकर जवाब दिया, ‘विज साहब आप भी बता दो, आपने परमिट लिया है क्या?’ विज बोले, ‘भाई न मैं पीता और न ही पिलाता हूं, जो पीते-पिलाते हैं, वे अपनी बात बताएं।’

इस पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी चुटकी लेने से पीछे नहीं हटे। उन्होंने मंत्री विज को निशाने पर लेते हुए पूर्व सीएम बंसीलाल का एक किस्सा सुनाया। हुड्डा ने कहा कि ‘बंसीलाल जब पूर्व सीएम थे, तो उन्होंने प्रदेश में शराब बंदी कर दी थी। इस पर एक विधायक चौधरी प्रताप सिंह ने उनसे शराबबंदी का कारण पूछा था। जिस पर सीएम बंसीलाल ने कहा था कि न तो मैं शराब पीता और न ही पीने दूंगा। तो विधायक प्रताप ने उनसे हंसी-मजाक में कहा था, सीएम साहब आप तो शराब पीने की क्या जरूरत हैं, आप तो विधायकों का खून पीते हो।’ 
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हुड्डा ने इस किस्से को विज से जोड़ते हुए कहा कि ये भी तो यही काम करते हैं। इन्हें भी शराब की क्या जरूरत है। हुड्डा ने कहा कि मैं घरों में ज्यादा मात्रा में शराब रखने का विरोध इसलिए कर रहा हूं कि इससे युवा प्रभावित होगा। इस पर सीएम मनोहर लाल ने कहा कि यह पॉलिसी तो आपकी ही सरकार के कार्यकाल वर्ष 2007-08 से ही चलती आ रही है, उस वक्त आपको ऐसा ख्याल नहीं आया। हमने तो इस पॉलिसी में कुछ भी नहीं बदला है। इस पर हुड्डा ने कहा कि अगर ऐसी बात है तो सरकार मेरे कार्यकाल की सभी नीतियों लागू करके दिखाए।

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