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तैयारीः नगर निगम चंडीगढ़ की बैठक में आएगा नया एजेंडा, ठेकेदारों को पार्किंग बनानी होंगी स्मार्ट

Wed, 07 Oct 2020 01:17 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ पार्किंग
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लॉकडाउन और कोरोना के कारण नगर निगम की ओर से पार्किंग के ठेकेदारों को जो छूट दी गई है, अब उसमें कटौती की तैयारी है। नगर निगम इस माह की सदन की बैठक में एजेंडा लेकर आ रहा है, जिसमें सितंबर माह में छूट में 10 प्रतिशत व अगले 2 माह में 5-5 प्रतिशत कटौती का प्रस्ताव है। वहीं अब ठेकेदारों को पार्किंग स्मार्ट करनी होंगी। उसके बाद ही वह पार्किंग शुल्क बढ़ा सकेंगे।
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कोरोना महामारी के दौरान जब पार्किंग ठेकेदारों को नुकसान हुआ तो नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर लाइसेंस फीस में कुछ राहत देने की मांग की थी। इस पर निगम ने ठेकेदारों की ओर से दी जाने वाली वार्षिक राशि में छूट दे दी थी। एक ठेकेदार को 65 और दूसरे को 55 प्रतिशत की छूट दी गई थी। अब अधिकारियों का मानना है कि स्थिति सामान्य हो गई है। छूट में भी कटौती की जानी चाहिए। अब ठेकदार स्मार्ट पार्किंग बनाने के साथ ही पार्किंग शुल्क ब?ाने की योजना पर काम करेंगे।

कोरोना में घट गया राजस्व, वित्तीय हालत भी ठीक नहीं
नगर निगम ने खुद का राजस्व 300 करोड़ का रखा था, लेकिन कोरोना के कारण योजना ध्वस्त हो गई। इधर वित्तीय संकट भी मंडराने लगा। निगम आयुक्त केके यादव का कहना है कि अब हालात सुधर रहे हैं। पहले यह छूट ठेकेदारों को इसलिए दी गई थी कि क्योंकि शहर में भीड़ कम थी, लेकिन अब सामान्य दिनों की तरह पार्किंग भरी हैं। अब इसकी जरूरत नहीं।
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राजस्व बढ़ाने के लिए बनाई थीं 89 पार्किंग
नगर निगम ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए जनवरी में शहर की 89 पेड पार्किंगों का टेंडर दो अलग-अलग जोन में आवंटित किया था। जोन-2 के तहत आने वाली 57 पार्किंग का टेंडर पाश्चात्य एंटरटेनमेंट कंपनी चला रही है। जबकि जोन-1 की 32 पार्किंगों को चलाने का टेंडर श्याम सुंदर कंपनी के पास है।

फरवरी से दोनों कंपनियों ने पेड पार्किंग चलानी शुरू कर दीं। इससे पहले शहर में फ्री पार्किंग भी थीं, लेकिन निगम ने सभी पार्किंग में शुल्क लागू कर दिया था। निगम ने दोनों जोन की पार्किंग दस करोड़ 51 लाख रुपये में आवंटित की थीं। जबकि इनका रिजर्व प्राइज चार करोड़ 69 करोड़ रुपये तय किया गया था।

90 दिन में स्मार्ट करनी थीं पार्किंग
टेंडर में यह तय हुआ था कि पार्किंग चलने के 90 दिन बाद सभी पार्किंग के शुल्क बढ़ा दिए जाएंगे, लेकिन कोरोना के कारण यह रेट नहीं बढ़ सके। इन तीन माह में दोनों कपंनियों को पार्किंग को स्मार्ट बनाना था, लेकिन यह भी संभव नहीं हो सका।
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