पिछले सात महीनों से बंद सिनेमाघरों को खोलने की तैयारी संचालकों ने शुरू कर दी है। सिनेमाघरों को विषाणुमुक्त बनाने के लिए सैनिटाइजेशन का काम चल रहा है। हालांकि दर्शकों को अभी पुरानी फिल्में ही देखनी पड़ेंगी क्योंकि फिलहाल कोई नई फिल्म रिलीज नहीं हो रही है। संचालकों के सामने पुरानी फिल्म दिखाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
पहले शहर के सभी मल्टीप्लेक्स में एक जैसी फिल्में देखने को मिलती थीं, लेकिन जब तक कोई नई फिल्म रिलीज नहीं होती, तब तक हर मल्टीप्लेक्स अपनी मर्जी से फिल्म दिखा सकेंगे। यहां तक सिंगल स्क्रीन में भी अलग-अलग फिल्में दिखाई जाएंगी। इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि यदि कोई परिवार साथ-साथ फिल्म देखना चाहते हैं तो वह पूरी ऑडी भी बुक करा सकेंगे।
प्राइवेट स्क्रीनिंग पर भी विचार किया जा रहा है। संचालकों का कहना है कि दर्शकों को एक सीट छोड़कर बैठाया जाएगा। हालांकि जो लोग एक ही परिवार के होंगे, उन्हें साथ बैठाने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन दोस्तों के बीच दूरी बनानी होगी। इसके साथ स्टाफ को भी प्रशिक्षित किया जाएगा कि फिल्म देखने वालों को कैसे सिनेमाघर में प्रवेश देना है।
उनके साथ क्या-क्या सावधानियां बरतनी हैं? हर शो खत्म होने और नए शुरू होने से पहले हॉल को सैनिटाइज भी किया जाएगा। इस दौरान सिनेमा संचालकों को बिना बताए फिल्म के दौरान सोशल डिस्टेंसिग न अपनाने वाले के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
टिकट के दाम बढ़ सकते हैं
सिनेमाघर मालिकों का कहना है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए सिर्फ 50 फीसदी सीटों की ही बुकिंग की जाएगी। भले ही लोग आधे हों, लेकिन खर्च बढ़ जाएगा। इतने बड़े हॉल को सैनिटाइज कराने का खर्च भी अच्छा खासा आता है। ऐसी स्थिति में टिकट की दरें भी महंगी हो सकती हैं। इस बात पर विचार किया जा रहा है कि मौके पर बुकिंग कराने की बजाए सिर्फ आनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा रखी जाए।
केंद्र सरकार की ओर से जो गाइडलाइंस आई हैं, उनका सख्ती से पालन किया जाएगा। अभी कोई फिल्म रिलीज नहीं हो रही है, इसलिए पुरानी ही फिल्म लगेंगी।
- विनीत सबलोक, जीएम, पिकाडली स्क्वॉयवर