बर्थडे या फिर गेट तो गेदर पार्टी करनी है, तो अब ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं, क्योंकि सिटको अपने होटलों व आउटलेटों में फैमिली कार्यक्रमों में छूट देने जा रहा है। कारपोरेशन ने फैसला लिया है कि अब उनके यहां जो भी किसी तरह के कार्यक्रम करेगा, उसे उपहार भी दिया जाएगा। शुक्रवार को इस संबंध में एक उच्चस्तरीय मीटिंग हुई। जिसमें सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। अलग-अलग होटल्स में किस प्रोग्राम को कितनी छूट मिलेगी यह जल्द ही तय कर लिया जाएगा। त्योहारों के मद्देनजर सिटको अपने कस्टमर्स को लुभाने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहता है।
इसके लिए शुक्रवार को अधिकारी स्तर पर हुई बैठक में प्रस्ताव आया कि अगर सिटको के होटलों व आउटलेटों में बर्थ-डे पार्टी, गेट तो गेदर समारोह, रिटायरमेंट या अन्य पार्टी करने की लोग इच्छा रखते हैं तो उन्हें कुल रेट में कुछ छूट दी जाएगी। छूट कितनी होगी इस पर फिलहाल कोई रजामंदी नहीं बनी लेकिन इतना जरूर तय है कि पार्टी करने वालों को अच्छा खासा फायदा मिलेगा।
बता दें कि सिटको के अधिकतर होटल व आउटलेट जबरदस्त घाटे में चल रहे हैं। कंपीटीशन के दौर में सिटको का सरवाइवल मुश्किल हो रहा है हालांकि सिटको के पास शहर में होटलों व आउटलेट की अच्छी खासी चेन है। यह प्रापर्टी भी उन्हीं की है। बावजूद इसके सिटको प्राइवेट होटलों के मुकाबले कहीं कंपीटीशन में नहीं खड़ा। इसी के चलते बीती सिटको की मीटिंग में फैसला लिया गया था कि होटलों के कुछ सेक्शनों और आउटलेटों को प्राइवेट हाथों में सौंप दिया जाए ताकि रेंट के रूप में रेवेन्यू आ सके। सिटको की कर्मचारी यूनियनों ने मैनेजमेंट के इस फैसले का विरोध करना शुरू कर दिया था।
सिटको ने पीछे मैनपावर ऑडिट कराने का भी फैसला किया था। इसका मकसद था कि उन जगहों से मुलाजिमों को हटाया जाए जहां उनकी जरूरत नहीं है। सिटको के एमडी जितेंद्र यादव के अनुसार इसके पीछे मंशा यह है कि जो मुलाजिम काम कर रहे हैं उनसे मैक्सीमम आउटपुट ली जा सके। कुछ सेक्शनों से तो फिलहाल मुलाजिम अचानक नहीं हटाए जा सकते। खासतौर से होटलों के किचन इत्यादि में जो शैफ या अन्य स्टाफ है उसके बगैर बिल्कुल भी गुजारा नहीं हो सकेंगा।