चंडीगढ़ में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर यूटी प्रशासन सख्त हो गया है। मंगलवार को डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने शहर के सभी एसडीएम व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर तय किया कि डिस्कोथेक, पब और कैफे तय मानकों से अधिक शोर न मचाएं, इसके लिए एसडीएम और डीएसपी पेट्रोलिंग कर नजर रखेंगे। तय मानक से ज्यादा शोर हुआ तो डीसी ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने खासतौर पर सेक्टर-7 के डिस्कोथेक की जांच करने के आदेश दिए हैं।
बैठक में डीसी ने साफ किया कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार तय मानक से ज्यादा शोर करने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम का इस्तेमाल मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों सहित किसी भी व्यक्ति द्वारा लिखित अनुमति के बिना तय मानकों से ज्यादा आवाज में नहीं बजाया जा सकता।
इसके अलावा किसी भी लाउडस्पीकर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट और साउंड एंप्लीफायर को रात में ऑडिटोरियम, कांफ्रेंस रूम, कम्युनिटी हॉल, बैंक्वेट हॉल के अलावा ध्वनि प्रदूषण (रेगुलेशन एंड कंट्रोल) रूल्स 2000 के तहत निर्धारित मानदंडों के अनुसार ही बजाया जा सकता है।
पब्लिक इमरजेंसी को छोड़कर साइलेंस जोन और किसी रिहायशी इलाके में रात 10 से सुबह 6 बजे के बीच हार्न नहीं बजाया जा सकता। 21 वर्ष से कम आयु वालों को हथियारों का लाइसेंस नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति व्यक्ति धार्मिक, विवाह, मेला और किसी शैक्षणिक संस्थान के परिसर में हथियार को नहीं ले जा सकता।
डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने संबंधित एसडीएम और डीएसपी को इन आदेशों की सख्त पालना के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि 10 दिनों के अंदर जमीनी स्तर पर नतीजे दिखाई दें।