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मुख्यमंत्री की गाड़ी के आगे लेट गया दिव्यांग, बोला- मिलने नहीं देता कोई, धक्के मारकर भगा देते हैं

Mon, 15 Jul 2019 12:49 PM IST
खुशबू गोयल अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
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दिव्यांग शख्स - फोटो : अमर उजाला
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एक दिव्यांग मुख्यमंत्री की गाड़ी के आगे लेट गया। उसे देखकर सभी के होश उड़ गए और पूछताछ में उसने सुरक्षाकर्मियों और पुलिस वालों पर कई आरोप लगाए। मामला हरियाणा का है। रोहतक रोड नई अनाज मंडी में अभिनंदन समारोह के खत्म होने के बाद सीएम मनोहर लाल जाने लगे तो पुलिस से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के लिए आफत खड़ी हो गई।
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सीएम मनोहर लाल की गाड़ी के आगे एक दिव्यांग लेट गया। पहले पुलिस कर्मियों ने उसे घसीटा, लेकिन करनाल और सोनीपत के सांसदों समेत अन्य कई अधिकारियों के पहुंचने पर उसे छोड़ना पड़ा। दिव्यांग ने सीएम से मिलने की बात कही। वहां सांसद और एडीसी ने दिव्यांग को समझाकर मदद का आश्वासन देकर साइड किया और उसके बाद सीएम की गाड़ी को निकाला गया।

सोनीपत में रामनगर निवासी अनिल के पैर नहीं हैं, जबकि परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसके ऊपर है। परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां है और वह बैटरी की रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा करना चाहता है। वह दिव्यांग होने के कारण बैटरी की रिक्शा ही चला सकता है, लेकिन उसके पास रिक्शा खरीदने के रुपये नहीं है। वह कई बार मदद के लिए सीएम से और अधिकारियों से मिलने के लिए चंडीगढ़ भी पहुंचा।
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आरोप है कि उसे पुलिस कर्मियों ने धक्के देकर बाहर निकाल दिया। वह सीएम के जनता दरबार तक गया तो वहां उसे केवल आश्वासन मिला। वह सीएम से मिलने के लिए कई रैलियों में गया, लेकिन उसे किसी भी जगह मिलने नहीं दिया गया। मजबूर होकर वह उस रास्ते पर बैठ गया, जहां से सीएम की गाड़ी को निकाला जाना था। कार्यक्रम खत्म होने के बाद सीएम गाड़ी में बैठ गए तो अनिल उनसे मिलने के लिए गाड़ी के पास जाने लगा।
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दिव्यांग शख्स - फोटो : अमर उजाला
अनिल ने कहा कि पुलिस कर्मियों ने उसे रोक दिया तो वह गाड़ी के आगे ही लेट गया । उसे पुलिस कर्मियों ने रास्ते से हटाने के लिए घसीटना शुरू कर दिया तो उसी समय करनाल के सांसद संजय भाटिया, एडीसी जयबीर आर्य, एसपी प्रतीक्षा गोदारा समेत अन्य अधिकारी पहुंच गए। उन सभी ने अनिल को समझाने का प्रयास किया और उसे एडीसी जयबीर आर्य ने रिक्शा दिलाने के लिए कह दिया।

अनिल ने आरोप लगाया कि उसे हर बार इस तरह ही आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है और उसके बाद कोई उसकी समस्या नहीं सुनता है। हंगामा देखकर सांसद रमेश कौशिक भी पहुंच गए और उसे अपनी सांसद निधि से रिक्शा दिलाने के लिए अधिकारियों से कहा। उसके बाद अनिल को किसी तरह साइड में किया गया और सीएम की गाड़ी को आगे निकाला गया। उस गाड़ी में सीएम मनोहर लाल भी बैठे हुए थे और वह पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से बातचीत करते रहे।

एक दिव्यांग अपनी समस्या लेकर आया था कि उसे रिक्शा लेनी है, जिससे उसके परिवार का गुजारा हो सके। मैंने अधिकारियों को कह दिया है कि उसे मेरी सांसद निधि से रिक्शा दिला दी जाए। उसको जल्द ही अधिकारी रिक्शा दिला देंगे और उसकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
- रमेश कौशिक, सांसद, सोनीपत लोकसभा क्षेत्र
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