प्रोमो से विवादों में आई बॉलीवुड फिल्म राम-लीला के निर्देशक संजय लीला भंसाली, अभिनेता रणवीर सिंह और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को हाईकोर्ट से आंशिक राहत मिल गई है।
वीरवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस जतिंद्र चौहान ने अगली सुनवाई तक तीनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इस मामले में पंजाब सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए कुछ समय की मोहलत मांगी, जिसे स्वीकारते हुए कोर्ट ने मामले की सुनवाई आगामी मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।
जालंधर निवासी ललित कुमार की शिकायत पर तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 295 ए(धार्मिक भावनाओं को भड़काने) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली, अभिनेता रणवीर सिंह और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर एफआईआर को रद्द करने का आग्रह किया है।
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस विवाद पर पंजाब सरकार से जवाब तलब किया था। निर्देशक संजय लीला भंसाली एवं अन्य ने याचिका में हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि उनकी फिल्म में ऐसा कोई दृश्य या डायलॉग नहीं है, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे।
याचिका में कहा गया है कि यह फिल्म विलियम शेक्सपीयर के रोमियो-जूलियट पर आधारित है। याचिका में कहा गया है कि राम-लीला नाम कहानी को ही सिर्फ जस्टिफाई करता है, लिहाजा उन्होंने आईपीसी की धारा 295ए के तहत कोई अपराध नहीं किया है।
इस फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने सिनेमाटोग्रॉफी एक्ट के तहत सर्टिफिकेट दिया है। याचिका में कहा गया है कि किसी धर्म या समुदाय विशेष की भावनाओं को अनजाने में भी कोई ठेस नहीं पहुंचाई गई है।