भर्ती मरीजों के परिजन लौटे बीच रास्ते से, फॉलोअप वालों को नहीं मिला इलाज
दिलजीत के शो के कारण शनिवार को सेक्टर 33 और 34 स्थित अस्पतालों में भर्ती मरीजों के साथ ही उनके परिजनों को काफी फजीहत झेलनी पड़ी। एक तरफ जहां मरीजों के परिजन अस्पताल में उनके साथ कैद हो गए, वहीं उन्हें खाने-पीने की चीज व दवाइयां लेने जाने की भी इजाजत नहीं मिली। इतना ही नहीं शहर के अन्य क्षेत्रों से इन सेक्टरों के अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भी वहां जाने से रोका गया। जिससे फॉलो के मरीज को समय पर इलाज नहीं मिल पाया। इसे लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। उनका कहना है कि मरीज के इलाज से ज्यादा मनोरंजन जरूरी हो गया है, यह स्थिति बेहद खतरनाक है।
केस - 1
खरड़ निवासी सुरिंदर सिंह (बदला हुआ नाम) की पत्नी को शुक्रवार की देर रात सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। उनके परिजन शनिवार के दोपहर अस्पताल आ रहे थे। लेकिन शाम 4:00 बजे के बाद उन्हें उस अस्पताल की तरफ जाने की अनुमति नहीं मिली। निराशा परिजन अस्पताल से कुछ दूरी पर पहुंच कर निराश घर लौट गए।
केस - 2
पानीपत निवासी 78 साल के रवि शर्मा को उनके परिजनों ने शनिवार की सुबह हार्ट अटैक पर शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया दोपहर बाद स्थिति बिगड़ने पर उन्हें पीजीआई रेफर किया गया। परिजनो को पीजीआई पहुंचने में 4:30 घंटे लग गए उन्हें रास्ते में कहीं रोका तो नहीं गया क्योंकि वह एंबुलेंस में थे। लेकिन दिलजीत के शो के कारण उन्हें सेक्टर 33, 34 से होते हुए पीजीआई पहुंचने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ी।
दिलजीत दोसांझ गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में हुए नतमस्तक
दिलजीत दोसांझ चंडीगढ़ में अपने शो से पहले शनिवार तड़के गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में महान शहीद बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह और माता गुजरी जी के धार्मिक स्थलों पर नतमस्तक होने पहुंचे। उन्होंने गुरबाणी भी श्रवण की।