सेक्टर-17 के परेड ग्राउंड में डीजी धन मेले का आयोजन हुआ। मेले में बैंकों ने अपनी स्टॉल लगाकर लोगों के बैंक खाते खोले और ऑनलाइन पेमेंट करना सिखाया।
नोटबंदी के बाद से जिस तरह बैंक शाखाओं में लोगों की भीड़ उमड़ी रही है ठीक उसी तरह से स्टॉल पर भी बैंक खाता खुलवाने वाले और विभिन्न तरह की जानकारियां जुटाने वालों की भीड़ उमड़ी।
मेले में ज्यादा भीड़ कॉलोनी वासियों और गांव वालों की रही। सांसद किरण खेर ने सुबह इस मेले का उद्घाटन करने के बाद स्टॉल पर घूमकर जायजा भी लिया। शाम के सत्र में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी स्टॉल की विजिट की। डॉ. हर्षवर्धन ने चंडीगढ़ के डीजी धन मेले को दिल्ली से भी अच्छा बताया।
मेले में बैंक स्टॉल के साथ सब्जी की स्टॉल और कृषि व कई अन्य चीजों संबंधी जानकारी देने वाली स्टॉल भी लगाई गई। डीसी अजीत बालाजी जोशी ने अपने संबोधन में बताया कि मेले में 10 हजार नए खाते खोले गए हैं। नोटबंदी के बाद भी 15 हजार से अधिक बैंक खाते खुले हैं। हालांकि बहुत से लोगों का सिर्फ रजिस्ट्रेशन कर उनको टोकन नंबर दिया गया है।
निजी बैंकों ने नहीं खोले जन-धन खाते
- फोटो : अमर उजाला
जिन्हें दिखाकर वह अपनी नजदीकी बैंक शाखा में खाता खुलवा सकेंगे। सिंडीकेट बैंक ने माइक्रो एटीएम से अंगूठा लगवाकर बैंक खाते खोले। जबकि दूसरे कई बैंकों ने फार्म भरवाकर सामान्य माध्यम से ही खाते खोले।
निजी बैंकों ने नहीं खोले जन-धन खाते :
मेले में सरकारी बैंकों ने ही लोगों के जन-धन खाते खोले। निजी बैंकों की कई स्टॉल पर पूछा गया तो उन्होंने जन-धन खाते खोलने से साफ इनकार कर दिया।
निजी बैंक अपनी शर्तों अनुसार एक तय राशि फिक्स करवाने के बाद ही बैंक खाता खोल रहे थे। इसके अलावा बैंकों की स्टॉल पर मौजूद अधिकारियों से कार्ड स्वाइप पर चार्ज कटने का सवाल किया गया तो सभी इसे टालते नजर आए। उन्होंने कहा कि यह सब ऊपर से तय होता है।
खाता धारकों को ही ले आए नया खाता खुलवाने :
इस मेले में कई कॉलोनी नेता भीड़ दिखाने के लिए पहले से बैंक खाता धारक को ही नया खाता खुलवाने मेले में ले आए। जिस कारण सुबह के समय मेले में भारी भीड़ रही।
बाद में अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि जिनका पहले से बैंक खाता है उन्हें दोबारा खाता खुलवाने की जरूरत नहीं है।
वह मेले में दूसरी सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी वाले नए खाते खोलने की बात कहकर उन्हें लाया गया था। कॉलोनी नंबर-4 और सेक्टर-25 की कॉलोनी के ऐसे ही काफी लोग मेले में परेशान मिले।
आयुष्मान खुराना ने गाया पानी दा रंग गीत
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हालांकि मेले में बहुत से लोग ऐसे भी मिले जिनका कोई भी बैंक खाता नहीं है। सेक्टर-25 निवासी रीटा और नंदिनी अपने-अपने पति का बैंक खाता खुलवाने मेले में आई थी।
एनएसएस वालंटियर्स का रहा जमावड़ा :
मेले में स्कूलों के एनएसएस वालंटियर्स की भी बड़ी भीड़ रही। प्रशासन ने इन स्टूडेंट्स को कैशलेस दूत बनाया है। वालंटियर्स ने ऑनलाइन पेमेंट की जानकारी ली और दूसरों को सिखाने की शपथ भी ली। मेले की डीजी शाला में इन स्टूडेंट्स ने लोगों को ऑनलाइन पेमेंट की जानकारी दी।
आयुष्मान खुराना ने गाया पानी दा रंग गीत :
अभिनेता व गायक आयुष्मान खुराना और ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त भी डीजी धन मेले में आए। मेले में बने डीजे मंच पर आयुष्मान खुराना ने पानी दा रंग गीत भी गाया। इससे पहले योगेश्वर दत्त ने भी मंच पर पहुंचकर अपने प्रशंसकों को कैशलेस का संदेश दिया।
18 बसें लाने ले जाने में लगी :
शहर के अलग-अलग हिस्सों से लोगों को डीजी धन मेले में लाने ले जाने के लिए सीटीयू ने 18 बसें लगाई। अधिकतर कॉलोनी वासियों को इन्हीं बसों के माध्यम से लाया ले जाया गया। इसके अलावा गांव और शहर के दूसरे हिस्सों से भी बसें लोगों को मेले में लेकर आई। एनएसएस वालंटियर्स को भी सीटीयू की बसों में स्कूल से लाया ले जाया गया।