कामचोरी कर बंक मारने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की अब खैर नहीं। प्रशासन ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों पर ठोस कदम उठाने जा रहा है।
सभी विभागाध्यक्षों को अपने यहां कार्यरत ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची तैयार करने के आदेश जारी हो चुके हैं। मंगलवार को सचिवालय में सभी विभागाध्यक्षों की अहम बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता सेक्रेटरी पर्सोनल विक्रम देव दत्त ने की।
उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों से अपने कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवा मूल्यांकन करने और उन्हें जारी रखने पर रिपोर्ट मांगी। क्लास-ए, बी, सी और डी के पूरे स्टाफ की 15, 20, 25, 30 और 35 वर्ष सर्विस पर रिपोर्ट देनी होगी। देव ने इस समय सीमा अनुसार पूरे स्टाफ की सर्विस मूल्यांकन करने के आदेश दिए।
साथ ही काम को बोझ समझने वाले कामचोर अधिकारियों और कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने के आदेश भी दे दिए। विक्रम देव ने कहा कि यह कदम भारत सरकार के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रख उठाया जा रहा है।
इस प्रक्रिया से सरकारी संगठनों में जमे उम्मीदों पर खरा न उतरने वाले और भ्रष्ट कर्मियों और अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए तेजी से यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
एक विभाग से दूसरे में शुरू होगा स्थानांतरण
अगले सप्ताह एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरण भी शुरू हो जाएगा। इसके लिए पर्सोनल डिपार्टमेंट ने सभी विभागाध्यक्षों से उनके विभाग में काम करने वाले स्टाफ की पूरी रिपोर्ट मांगी है। जिसमें उनकी नियुक्ति की तिथि, पदोन्नति तिथि और वर्तमान में पद की जानकारी मांगी गई है। यह जानकारी मिलने के बाद पता चलेगा कि कौन सा अधिकारी किस पोस्ट पर कितने दिन से है।