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कैबिनेट के फैसले: 2030 तक रोडवेज बेड़े से पूरी तरह हटेंगी डीजल बसें, गुरुग्राम-फरीदाबाद मॉडल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी शहर घोषित होंगे

Mon, 27 Jun 2022 08:49 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को पंजीकरण शुल्क और मोटर वाहन कर में छूट मिलेगी। यह नीति शैक्षिक या अनुसंधान संस्थानों में अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करेगी।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : एएनआई (फाइल फोटो)
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विस्तार
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हरियाणा में साल 2030 तक रोडवेज बेड़े से डीजल बसें पूरी तरह हटा दी जाएंगी। राज्य परिवहन उपक्रमों के स्वामित्व वाले बस बेड़े को शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक बसों, ईंधन सेल वाहनों या अन्य गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित प्रौद्योगिकी में बदला जाएगा। 2022 हरियाणा में इलेक्ट्रिक वाहनों का वर्ष घोषित होगा।

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हरियाणा मंत्रिमंडल ने सोमवार को इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति-2022 को मंजूरी देते हुए अनेक घोषणाएं की हैं। गुरुग्राम और फरीदाबाद को मॉडल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (ईएम) शहर घोषित किया जाएगा, जिसमें शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), ई-मोबिलिटी हासिल करने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर चरणबद्ध तरीके से बनेगा। 

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (टीसीपी) अनिवार्य रूप से ईवी वाहनों को आगे बढ़ाने के लिए समूह आवासीय भवनों, वाणिज्यिक भवनों, संस्थागत भवनों, मॉल, मेट्रो स्टेशन इत्यादि स्थानों में इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन बनाएगा। 20 वर्ष की अवधि के लिए विद्युत शुल्क में छूट के साथ स्टांप शुल्क की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति की जाएगी। 10 वर्षों की अवधि के लिए कुल एसजीएसटी में से 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति होगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल, इलेक्ट्रिक व्हीकल के कंपोनेंट्स, ईवी बैटरी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर आदि बनाने वाली कंपनियों को कैपिटल सब्सिडी के साथ इंसेंटिव दिया जाएगा।

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उद्योगों को ये लाभ भी
मेगा उद्योग को एफसीआई का 20 प्रतिशत या 20 करोड़ रुपये, जो भी कम हो पर पूंजीगत सब्सिडी मिलेगी। बड़े उद्योग को 10 करोड़ रुपये तक या एफसीआई की 10 प्रतिशत, मध्यम उद्योग के लिए 50 लाख रुपये तक या एफसीआई का 20 प्रतिशत, लघु उद्योग के लिए 40 लाख रुपये तक या एफसीआई का 20 प्रतिशत और सूक्ष्म उद्योग के लिए 15 लाख रुपये तक या एफसीआई का 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।

बैटरी डिस्पोजल यूनिट स्थापित करने वाली इकाइयों को 100 करोड़ रुपये तक या एफसीआई की 15 प्रतिशत प्रतिपूर्ति मिलेगी। यह नीति मौजूदा सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़ी इकाइयों/ विनिर्माताओं को दो करोड़ रुपये तक की बुक वैल्यू का 25 प्रतिशत निर्माण ईवी वाहनों में में बदलने की एकमुश्त सुविधा भी देगी।

खरीदार को पंजीकरण शुल्क, मोटर वाहन कर में छूट
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को पंजीकरण शुल्क और मोटर वाहन कर में छूट मिलेगी। यह नीति शैक्षिक या अनुसंधान संस्थानों में अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करेगी। नई इलेक्ट्रिक चार्जिंग तकनीक विकसित करने के लिए एक करोड़ रुपये तक की परियोजना लागत की 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। 

नई इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए पांच करोड़ रुपये तक का लाभ दिया जाएगा। गैर जीवाश्म ईंधन आधारित गतिशीलता समाधान (मोबिलिटी सॉल्यूशन) पर समर्पित अनुसंधान करने वाले संस्थानों को पांच करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा। ईवी के अनुसंधान एवं विकास से संबंधित बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए पहले 20 कॉलेजों/आईटीआई/पॉलीटेक्निकों को 25 लाख रुपये की एकमुश्त सब्सिडी दी जाएगी।

सरकारी संगठनों/सार्वजनिक निकायों/निजी कंपनियों को उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) स्थापित करने के लिए पांच करोड़ रुपये तक की परियोजना लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। कंपनियों के साथ कार्यरत हरियाणा अधिवासी जनशक्ति के एवज में 10 वर्षों के लिए 48 हजार रुपये प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष रोजगार सृजन सब्सिडी मिलेगी।
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