उद्योगों को ये लाभ भी
मेगा उद्योग को एफसीआई का 20 प्रतिशत या 20 करोड़ रुपये, जो भी कम हो पर पूंजीगत सब्सिडी मिलेगी। बड़े उद्योग को 10 करोड़ रुपये तक या एफसीआई की 10 प्रतिशत, मध्यम उद्योग के लिए 50 लाख रुपये तक या एफसीआई का 20 प्रतिशत, लघु उद्योग के लिए 40 लाख रुपये तक या एफसीआई का 20 प्रतिशत और सूक्ष्म उद्योग के लिए 15 लाख रुपये तक या एफसीआई का 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।
बैटरी डिस्पोजल यूनिट स्थापित करने वाली इकाइयों को 100 करोड़ रुपये तक या एफसीआई की 15 प्रतिशत प्रतिपूर्ति मिलेगी। यह नीति मौजूदा सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़ी इकाइयों/ विनिर्माताओं को दो करोड़ रुपये तक की बुक वैल्यू का 25 प्रतिशत निर्माण ईवी वाहनों में में बदलने की एकमुश्त सुविधा भी देगी।
खरीदार को पंजीकरण शुल्क, मोटर वाहन कर में छूट
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को पंजीकरण शुल्क और मोटर वाहन कर में छूट मिलेगी। यह नीति शैक्षिक या अनुसंधान संस्थानों में अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करेगी। नई इलेक्ट्रिक चार्जिंग तकनीक विकसित करने के लिए एक करोड़ रुपये तक की परियोजना लागत की 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।
नई इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए पांच करोड़ रुपये तक का लाभ दिया जाएगा। गैर जीवाश्म ईंधन आधारित गतिशीलता समाधान (मोबिलिटी सॉल्यूशन) पर समर्पित अनुसंधान करने वाले संस्थानों को पांच करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा। ईवी के अनुसंधान एवं विकास से संबंधित बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए पहले 20 कॉलेजों/आईटीआई/पॉलीटेक्निकों को 25 लाख रुपये की एकमुश्त सब्सिडी दी जाएगी।
सरकारी संगठनों/सार्वजनिक निकायों/निजी कंपनियों को उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) स्थापित करने के लिए पांच करोड़ रुपये तक की परियोजना लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। कंपनियों के साथ कार्यरत हरियाणा अधिवासी जनशक्ति के एवज में 10 वर्षों के लिए 48 हजार रुपये प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष रोजगार सृजन सब्सिडी मिलेगी।