एक नवंबर से डीजल ऑटो चंडीगढ़ में दाखिल न होने देने के फैसले के विरोध में संघर्ष शुरू हो गया है। सोमवार को फेज-1 में आटो चालक यूनियन की एक आपात मीटिंग हुई। मीटिंग में तय किया गया है ऑटो चालक 30 नवंबर को हड़ताल पर रहेंगे।
कोई भी ऑटो सड़कों पर नहीं उतरेगा। वहीं, चंडीगढ़ की लोकल बसों को जिले की सीमाओं में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। यूनियन ने इस संबंधी डीसी और एसएसपी को भी मांग पत्र सौंपा है।
ऑटो चालक सोमवार को शहीद बाबा बंदा सिंह बहादुर ऑटो स्टैंड के बैनर तले फेज-1 में जुटे। इस मौके एसोसिएशन के मेंबरों ने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन के फैसले से ऑटो चालकों बेरोजगारी की राह पर है। घर का सारा बजट बिगड़ जाएगा।
ऑटो चालक यूनियन के प्रेसिडेंट हरनेक सिंह ने बताया कि ट्राइसिटी में आठ हजार के करीब ऑटो चलते हैं, जिसमें रोजाना 80 हजार के करीब लोग सफर करते हैं। इसमें अधिकतर सर्विस क्लास व विभिन्न स्कूलों की पढ़ाई करने वाले छात्र हैं।
उन्होंने बताया कि 2200 के करीब डीजल ऑटो चालक जाने की तैयारी कर चुके हैं। जबकि अन्य ऑटो चालक यूनियन भी जल्दी उनसे जुड़ जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल उन्होंने शांतिमय ढंग से हड़ताल करने की तैयार की है।
इस दौरान किसी भी भी तरह की कोई परेशानी होती है। तो उसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने अपनी तरफ से चंडीगढ़ प्रशासन को मनाने की पूरी कोशिश की थी। लेकिन प्रशासन उनकी एक भी नहीं सुन रहा है।