चंडीगढ़। लॉ सभागार में 44 मिनट के भाषण में उपराष्ट्रपति एवं पंजाब यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति जगदीप धनखड़ ने सीनेट चुनाव पर एक शब्द भी नहीं बोला। वहीं, सभागार के बाहर 62 दिन से सीनेट चुनाव के लिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। छात्रों को उपराष्ट्रपति से मिलने के लिए मना कर दिया था और शनिवार सुबह धनखड़ के आने से पूर्व पुलिस प्रदर्शनकारी छात्रों को उठा कर ले गई। पीयू बचाओ मोर्चा के नाम से प्रदर्शन कर रहे विभिन्न छात्र संगठनों ने दोपहर 12 बजे स्टूडेंट सेंटर पर धनखड़ और कुलपति का पुतला फूंकने की चेतावनी दी थी।
उपराष्ट्रपति के आने से एक घंटा पहले 10 बजे पुलिस ने विद्यार्थियों को विभाग, हॉस्टलों, धरना स्थल से उठाना शुरू किया। बायोफिजिक्स लैब में अपना काम कर रहे सथ संगठन से शोधार्थी रिमलजोत को पुलिस करीब 10 बजे पकड़ कर ले गई, मौके की वीडियो बना रहे लॉ छात्र दर्शप्रीत, उर्दू विभाग के जोध सिंह और फॉरेंसिक साइंस के छात्र गुरनूर को भी पुलिस साथ ले गई। बॉयज हॉस्टल से कुलपति कार्यालय की ओर जा रहे एसएफस से करण, सोपू से नवप्रीत गंगा और पंजाबनामा के गगनदीप, करणवीर और अन्य छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया। शांतिमय ढंग से कुलपति कार्यालय के बाहर बैठे छात्रों पर चंडीगढ़ पुलिस ने परचा कर दिया।
सीनेट चुनाव पर पीयू टस से मस नहीं
पीयू की शासी निकाय सीनेट का कार्यकाल 31 अक्तूबर को समाप्त हुआ और अब तक इसके चुनाव की घोषणा न करने पर विद्यार्थी 62 दिनों से धरने पर बैठे हैं। संसद के शीतकालीन सत्र में सांसद मनीष तिवारी सीनेट चुनाव का मुद्दा उठा चुके हैं। पंजाब, केंद्र के विभिन्न नेताओं द्वारा सीनेट का मुद्दा उठाया जा चुका है। विद्यार्थियों के लगातार 24/7 प्रदर्शन के बावजूद इस पर अभी तक कुछ नहीं हुआ है।
ओरे बैठ जा टिक्क के, जेड़ा परचा देतां ते याद रखीं...
सोशल मीडिया पर एक वीडियो चल रहा है। इसमें कुलपति कार्यालय के बाहर एक इंस्पेक्टर प्रदर्शन कर रहे छात्र करणवीर को धक्का देते हुए कह रहा है- ओरे बैठ जा टिक्क के, जेड़ा परचा देतां ते याद रखीं, तेरा फ्यूचर बर्बाद होगा, बोहतां ता फ्यूचर बर्बाद होता देखां। जेड़ा करना ओ नाल बय के कर, आवात नीचे कर, तैनू दसदां मैं ज्यादा चालाक न बन, जिन्ना बोल दां उन्ना कर, तूने बैठन की नहीं, इसको चुप कराओ।