डायरिया से पीड़िता विद्या देवी, निवासी गांव रायपुरखुर्द।
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रायपुर खुर्द में डायरिया की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम इलाके में पहुंची। पूरे इलाके में 50 से अधिक पानी के सैंपल भरे। यहां हाउस टू हाउस सर्वे शुरू हो गया है। पानी में क्लोरीन की गोलियां डाली जा रही हैं। साथ ही ओआरएस घोल भी बांटे जा रहे हैं। शनिवार को डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डॉ. वनीता गुप्ता ने भी इलाके का दौरा किया। बताया जा रहा है कि पानी के सैंपल की रिपोर्ट रविवार तक आएगी। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि डायरिया के क्या कारण रहे हैं। हालांकि अब स्थिति कंट्रोल में है। शनिवार को डायरिया का कोई भी नया पेशेंट नहीं आया है।
अमर उजाला ने शनिवार के अंक में खबर प्रकाशित कर जानकारी दी थी कि रायपुर खुर्द में एक हफ्ते में दो लोगों की मौत हो चुकी है और छह से ज्यादा बीमार हैं। जिन घरों के सदस्यों की मौत हुई है, उनके परिजनों के सदस्यों का कहना था कि काफी दिन से दूषित पानी आ रहा है। मौत का कारण भी पानी का दूषित होना है। स्वास्थ्य विभाग के एंटी मलेरिया अधिकारी डॉ. गौरव अग्रवाल ने बताया है कि स्थिति कंट्रोल में है। विभाग की आठ टीमें पूरे इलाके में जुटी हैं। वे घर-घर जाकर लोगों की जानकारी हासिल कर रही हैं। साथ ही पानी की स्थिति भी पूछी जा रही है।
डॉ. गौरव का कहना है कि बहलाना और इंदिरा कॉलोनी में भी जांच की जा रही है। वहां से भी डायरिया के सीजनल केस आए थे। एहतियात के तौर पर पानी की सैंपलिंग भी शुरू कर दी है। हालांकि प्रशासन की ओर से कोई टीम नही पहुंची है। रायपुरखुर्द चंडीगढ़ प्रशासन के अंतर्गत आता है।