इंडिया आर्ट एंड जेम्स फेयर 2016 में चुनी गई मोनिका कपूर का।
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अपनों का साथ हो तो इंसान हर मुकाम हासिल कर सकता है, यह कहना है इंडिया आर्ट एंड जेम्स फेयर 2016 में चुनी गई मोनिका कपूर का। चंडीगढ़ से वह एकमात्र ऐसी आर्टिस्ट हैं, जिसकी पेंटिंग्स इस फेयर में दिखाई जाएंगी। फेयर 30 जून से 4 जुलाई तक बंगलूरू के लीला पैलेस में चलेगा। यहां भारत के विभिन्न राज्यों के 100 आर्टिस्टों की पेंटिंग्स प्रदर्शित की जाएंगी। इसका आयोजन कुछ प्राइवेट कंपनियां कर रही हैं, जिनका उद्देश्य कलाकारों के आत्म-विश्वास को बढ़ाना है।
ऐसे हुआ सेलेक्शन
मोनिका कपूर ने अपनी पेंटिंग्स समारोह का आयोजन कराने वाली ज्यूरी को ई मेल भेजी। जिन्होंने आर्ट और अनुभव को ध्यान में रखकर उनका चयन किया। आईएजीएफ के लिए मोनिका की पांच पेंटिंग्स को चुना गया। जानते हैं आईएजीएफ में चयनित 38 वर्षीय मोनिका कपूर की जिंदगी की कहानी उन्हीं की जुबानी।
हमेशा पहले स्थान पर रहती थी
पेंटिंग में दिलचस्पी मुझे बचपन से थी। स्कूल, कॉलेज के समय ही पेंटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था और हमेशा पहले स्थान पर रहती थी। पेंटिंग में मेरे जुनून को देखकर पापा ने मेरा एडमिश्न चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्ट्स में करा दिया। यहां से बीए की डिग्री हासिल की। एमए करने के लिए मैं जयपुर चली गई। यहां मेरी कला में और निखार आया और मैंने अपने लेवल पर पेंटिंग की एग्जीबिशंस लगानी शुरू कर दी। 6 साल तक दिल्ली में कई एग्जीबिशन लगाई। पिछले साल उज्जैन में हुई 15 दिन की इंटरनेशनल वर्कशॉप में भी हिस्सा लिया था। फिलहाल डेराबस्सी के एटीएस वैली स्कूल में टीचर हूं।
परिवार से मिला सहयोग
मोनिका कपूर ने बताया कि आर्ट की दुनिया में जाने के लिए परिवार से पूरा साथ मिलता रहा है। डेराबस्सी के एटीएस वैली स्कूल के प्रिंसिपल संदीप सहगल और गुरु संजीव सोनी ने मुझे हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
क्या होता है इंडिया आर्ट एंड जेम्स फेयर
यह मॉर्डन और कंटेंपरेरी आर्ट फेयर होता है। जो हर साल बंगलूरू में कराया जाता है। इस फेयर में आर्ट और आभूषणों पर फोकस किया जाता है। आईएजीएफ को अवॉर्ड विंनिंग आर्टिस्ट, मूवी मेकर व कवि और दुबई की एक नामी मैगजीन की एडिटर इन चीफ मीना दास नारायण जैसी कई अन्य शख्सियत मिलकर कराती हैं। 2016 के आईएजीएफ के लिए आर्ट्स के 100 और आभूषणों को प्रदर्शित करने के लिए 20 जौहरी का चयन हुआ है।