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वीआईपी सेक्टर में डायरिया से मचा हड़कंप, 184 मरीज आए सामने 

Sun, 22 Jan 2017 12:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चेक करते चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
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मेयर के वार्ड सेक्टर-18 सी के बाद अब 18 बी में भी बच्चों के बीमार होने की शिकायत आ गई है। इसके बाद नगर निगम के जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। शनिवार को उल्टी दस्त के 184 नए मरीज सामने आए।
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जिन घरों से लोगों के बीमार होने की शिकायत आई, चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा और एसई संजय अरोड़ा ने  शनिवार को उन घरों में जाकर सप्लाई के पानी में क्लोरीन की मात्रा की जांच की। 

जबकि सेक्टर-18 सी में सेक्टर-16 अस्पताल के डाक्टरों की टीम ने मरीजों को सुबह से शाम तक चेक किया। सेक्टर-18 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील चोपड़ा भी बीमार हो गए हैं। 
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शनिवार को भी उल्टी और दस्त की शिकायत वाले 184 मरीजों की जांच की गई । इससे पहले शुक्रवार को 252 मरीजों की जांच की गई थी।

इस बीच, नगर निगम के जनस्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिस जगह पर सीवरेज का गंदा पानी रिस रहा था उस जगह को ढूंढकर पाइप की मरम्मत कर दी गई है। 

इसके बावजूद सेक्टर-18 बी शनिवार को लोगों के बीमार होने की रिपोर्ट आई। मालूम हो कि मेयर आशा जसवाल इसी वार्ड की ही पार्षद है।

55 घरों का किया सर्वे 25 में मिले मरीज
सेक्टर-18 बी से शिकायत आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 55 घरों में जाकर जांच की। इनमे से 25 घरों में स्वास्थ्य विभाग को उल्टी दस्त के मरीज मिले हैं। 

चीफ इंजीनियर कर रहे हैं जांच

जांच करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
रविवार को भी मरीजों की जांच जारी रहेगी। शनिवार को नगर निगम ने 8 जगह से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं, उनकी रिपोर्ट सोमवार को आएगी।

चीफ इंजीनियर कर रहे हैं जांच
मेयर आशा जसवाल ने पूरे मामले की जांच चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा को सौंपी है। एनपी शर्मा ने जिन घरों में गंदे पानी की सप्लाई की शिकायत आई है, वहां जाकर लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। 

जबकि स्वास्थ्य विभाग ने भी बैक्टीरिया चेक करने के लिए अलग से पानी के सैंपल लिए हैं। उनकी रिपोर्ट आनी बाकी है। इस एरिया में टयूबवैल के अलावा कजौली वाटर वर्क्स से भी पानी की सप्लाई आ रही है। 

अधिकारियों ने टैगोर थियेटर के पिछली तरफ बने ट्यूबवेल को चेक किया। लेकिन अधिकारियों को मौके पर सैंपल जांचने की किट तो मिली लेकिन पिछले दिनों में जो सैंपल के टेस्ट लिए गए उनकी कोई रिकार्ड नहीं मिला।

मालूम हो कि टयूबवैल से होने वाले पानी की प्रतिदिन क्लोरीन मात्रा चेक की जाती है। जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार पानी की सभी पाइपों को साफ कर दिया गया है। फाल्ट भी दूर हो गया है। 

ऐसे में जो लोग अब भी बीमार हो रहे हैं वह पिछले दिनों में गंदा पानी पीने के कारण। जनस्वास्थ्य विभाग ने लोगों को पानी उबाल कर पीने की सलाह दी है। 

मालूम हो कि ऐसा पहली बार हुआ है कि जब किसी वीआईपी एरिया में गंदा पानी पीने से सैकड़ों लोग बीमार हुए हैं। सेक्टर-18 सी में मकान नंबर-570 और 520 में बच्चों के बीमार होने की शिकायत अधिकारियों को मिली है।
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सेक्टर 16 अस्पताल के डाक्टरों ने मरीजों की जांच कर दी दवाएं

डाक्टर - फोटो : file photo
मरीजों की संख्या बढ़ी: चोपड़ा 
सेक्टर-18 की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील चोपड़ा का कहना है कि वह खुद भी बीमार हो गए हैं। उनका कहना है कि नगर निगम दावा कर रहा है कि अब पानी की सप्लाई ठीक हो गई लेकिन इसके बावजूद बीमार होने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि सभी उल्टी और दस्त के मरीज है।

12 जनवरी से परिवार के सदस्य बीमार: कंग
निवासी एवं नगर निगम से रिटायर्ड चीफ आडिटर आरएस कंग का कहना है कि 12 जनवरी से ही उनके परिवार का हर सदस्य बीमार है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी विदेश से आई है वह भी घर का पानी पीकर बीमार हो गई।

आरओ भी काम नहीं कर रहे: संजय पुरी
भाजपा के मंडल अध्यक्ष संजय पुरी का कहना है कि जिन घरों में आरओे वाटर सिस्टम लगा है, वहां पर भी लोग बीमार हुए हैं। पिछले 10 दिन से लोग बीमार हैा। मैंने ही सबसे पहले गंदे पानी की सप्लाई से बीमार होने की जानकारी नगर निगम को दी थी।

दवाएं खाने पर भी आराम नहीं: मोहन लाल
मकान नंबर-1100 निवासी बुजुर्ग मोहन लाल का कहना है कि दवाएं खाने के बावजूद आराम नहीं पड़ रहा है। फाल्ट तलाश करने में ही नगर निगम को दो दिन लग गए। उनके आसपास पड़ोस के लोग भी बीमार हैं।
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