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चंडीगढ़ के रोइंग खिलाड़ी मंजीत सिंह को ध्यानचंद अवार्ड, शहर के नाम जुड़ी बड़ी उपलब्धि

Fri, 21 Aug 2020 02:05 AM IST
ajay kumar संजीव पंगोत्रा, चंडीगढ़
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मंजीत सिंह। - फोटो : फाइल फोटो
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चंडीगढ़ के रोइंग खिलाड़ी और ओलंपियन मंजीत सिंह देश के सबसे प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार ध्यानचंद अवार्ड से नवाजे जाएंगे। केंद्रीय खेल मंत्रालय ने मंजीत सिंह के नाम को मंजूरी दे दी है। 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर मंजीत सिह को खेल में लाइफटाइम अचीवमेंट के लिए ध्यानचंद अवार्ड दिया जाएगा। यह जानकारी चंडीगढ़ रोइंग एसोसिएशन के सचिव राजीव शर्मा ने दी और कहा कि एसोसिएशन के लिए यह गौरव की बात है। 

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बता दें कि मंजीत सिंह शहर के पहले खिलाड़ी होंगे, जिन्हें रोइंग में यह पुरस्कार दिया जाएगा। मंजीत सिंह दो बार ओलंपिक में हिस्सा ले चुके हैं और एशियन गेम्स में खेलते हुए दो सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर चुके हैं। मंजीत सिंह ने चंडीगढ़ से रोइंग की ट्रेनिंग ली और जूनियर नेशनल खेले। इसके बाद वह जूनियर एशियन टीम के लिए चयनित हुए। इसके बाद उन्हें कड़ी मेहनत से लगातार सफलता मिलती गई। हर प्रतियोगिता में मेडल जीतने के बाद मंजीत ने भारतीय रोइंग टीम में भी अपनी जगह बनाई। 

मूलरूप से फिरोजपुर के रहने वाले, पढ़ाई और ट्रेनिंग चंडीगढ़ में की 
मंजीत सिंह मूलरूप से फिरोजपुर के रहने वाले हैं। रोइंग के खेल में दिलचस्पी उन्हें चंडीगढ़ खींच लाई। यहां पर उन्होंने पढ़ाई के साथ सुखना लेक स्थित चंडीगढ़ रोइंग एसोसिएशन की ओर से ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी। यहां कोच अरविंद सहगल ने मंजीत के अंदर छिपी प्रतिभा और सीखने की कला का पहचान लिया और मंजीत को तराशने का काम शुरू कर दिया। 
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जल्द ही इसके परिणाम भी सामने आने लगे। वर्ष 2004 से लेकर 2007 तक कई जूनियर नेशनल में चंडीगढ़ रोइंग एसोसिएशन की तरफ से खेलते हुए मंजीत ने कई मेडल हासिल किए। इसके बाद एशियन जूनियर रोइंग कैंप के लिए उनका चयनप हुआ। हैदराबाद में लगे कैंप में चीफ नेशनल कोच इस्माइल बेग की देखरेख में वह आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। 

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रोइंग के दम पर सेना में बने सूबेदार

रोइंग में बेहतरीन प्रदर्शन कर भारत का नाम रौशन करने वाले मंजीत सिंह को सेना मे नौकरी मिल गई। मंजीत मौजूदा समय में सेना में सूबेदार के पद पर तैनात हैं। मेजर ध्यान चंद अवार्ड मिलने की जानकारी पर मंजीत सिंह ने खुशी जताते हुए कहा कि यह एक मेरे लिए एक सुखद सूचना है। पिछले पांच साल से मैं इस अवार्ड पाने की राह देखरेख रहा था। आखिरकार मेरा इंतजार खत्म होने को है। ध्यानचंद अवार्ड मुझे मिलने वाला है, इसकी सूचना जब मैंने अपने परिवार वालों को दी तब से उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं हैं। 

अभी नेशनल टीम में जगह बनाने का लक्ष्य, फिर युवाओं को दूंगा ट्रेनिंग: मंजीत सिंह  
मंजीत सिंह ने कहा कि मैंने पिछले एक साल से एनआईएस से रोइंग में डिप्लोमा किया है। इसके चलते एक साल से रोइंग से दूर रहा हूं। जब रोइंग में नेशनल टीम के लिए ट्रायल होंगे, उसमें हिस्सा लेते हुए एक बार फिर से नेशनल टीम में जगह बनाना टारगेट है। वहीं डिप्लोमा कर लिया है। नेशनल टीम के बाद रोइंग कोच की भूमिका निभाते हुए युवा रोइंग खिलाड़ियों को तैयार करना मकसद है।  

यह है करियर 
  • 2008 बीजिंग ओलंपिक में हिस्सा लिया।
  • 2012 लंदन ओलंपिक में हिस्सा लिया।
  • 2010 एशियन चैंपियनशिप में दो सिल्वर मेडल जीते।
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रोइंग खिलाड़ी मंजीत की उपलब्ध्यिां

  • 1. जूनियर एशियन चैंपियनशिप 2005          साउथ कोरिया             5वां स्थान 
  • 2. जूनियर एशियन  चैंपियनशिप 2006          सिंगापुर                    2 रजत पदक 
  • 3. साउथ एशियन गेम्स  2006                     श्रीलंका                     1 स्वर्ण पदक
  • 4. सीनियर एशियन चैंपियनशिप 2007         दक्षिण कोरिया           1 रजत, 1 कांस्य पदक 
  • 5. सीनियर एशियन चैंपियनशिप 2009         ताइवान                     कांस्य पदक 
  • 6. एशियन गेम्स 2010                               चीन                            2 रजत 
  • 7. नेशनल गेम्स 2015                                केरल                          1 स्वर्ण, 2 रजत पदक
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