चंडीगढ़। यूटी प्रशासन के आबकारी और कराधान विभाग ने सेक्टर-24 स्थित पार्क व्यू होटल में मंगलवार को शराब ठेकों की नीलामी की। पहली बार धनास का ठेका सबसे अधिक 12.78 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ है, जबकि इस ठेके का आरक्षित मूल्य 10.39 करोड़ रखा गया था। पिछले साल यह ठेका 11.55 करोड़ रुपये में बिका था। अन्य ठेके भी आरक्षित मूल्य से काफी अधिक कीमत पर बिके।
धनास के अलावा जिन ठेकों के लिए अधिकतम बोली लगी, उनमें पलसोरा का शराब ठेका 11.61 करोड़, सेक्टर-40डी मार्केट का ठेका 9.85 करोड़, सेक्टर-30 का शराब ठेका 8.34 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ। इसके अलावा अन्य ठेकों की भी नीलामी हुई। विभाग 96 में से 72 ठेकों की नीलामी करने में सफल रहा। पिछले दिनों खोली गई तकनीकी बोली में इतने ही ठेकों के लिए शराब विक्रेताओं ने आवेदन किया था। विभाग को 72 ठेकों के लिए 142 बोली मिली। इन ठेकों का कुल आरक्षित मूल्य 344.70 करोड़ रुपये रखा गया था जबकि नीलामी में प्रशासन को 420.88 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जोकि आरक्षित मूल्य से 76.18 करोड़ ज्यादा है। इस तरह राजस्व में 22.10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस बार एक शराब विक्रेता को अधिकतम 10 ठेके ही आवंटित किए गए हैं। परमिट और पास भी ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे। अब विभाग की तरफ से बाकी बचे 24 ठेकों की नीलामी फिर की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार इसके लिए जल्द ही बोली आमंत्रित की जाएंगी।
एक अप्रैल से 15-20 प्रतिशत तक महंगी हो जाएगी शराब
वर्ष 2022-23 की आबकारी नीति के अनुसार शहर में 1 अप्रैल से 15-20 फीसदी शराब महंगी हो जाएगी, क्योंकि प्रशासन ने 5.5 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है। साथ ही हर बोतल पर लोगों को एक नया ई-व्हीकल (ईवी) सेस भी देना होगा। ये प्रति बोतल अलग-अलग 2 से 40 रुपये के करीब होगा। इनपुट लागत और करों को ध्यान में रखते हुए मिनिमम रिटेल सेल प्राइस को भी 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। कम अल्कोहलिक ड्रिंक्स जैसे बीयर, वाइन आदि को प्रमोट करने और इंडियन वाइन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए लाइसेंस फीस व एक्साइज ड्यूटी को बढ़ाया नहीं गया है।
एक अक्तूबर से कंप्यूटराइज्ड बिल अनिवार्य
एक अक्तूबर 2022 से ठेकों पर कंप्यूटराइज्ड बिलिंग अनिवार्य तौर कर दी गई है। बिल न जारी करने पर 5 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। ठेकों पर एक्सपायर शराब बेचने पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। नकली शराब पर अंकुश लगाने के लिए देसी शराब की बोतलों में प्रूफ सील अनिवार्य किया गया है। अतिरिक्त लाइसेंस शुल्क के भुगतान पर 3 और 4 स्टार होटलों में भी 24 घंटे शराब की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही अतिरिक्त लाइसेंस फीस देने पर रेस्टोरेंट, बार, होटल व रेस्टोरेंट्स को तड़के 3 बजे तक खोला जा सकेगा।