गृह मंत्रालय द्वारा पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा को सेवा मे विस्तार देने के दो दिन बाद ही शुक्रवार को उनके इस्तीफे की अटकलें लगने लगीं। हालांकि डीजीपी ने इससे इनकार किया है। गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने अरोड़ा की सेवा में इस साल सितंबर माह तक विस्तार कर दिया है। इन अटकलों के पीछे का कारण राज्य सरकार का रवैया भी माना जा रहा है।
केंद्र से एक्सटेंशन का फैसला आने और सुप्रीम कोर्ट द्वारा डीजीपी नियुक्ति के नए नियम के खिलाफ सरकार की याचिका खारिज होने के बाद राज्य सरकार ने नए डीजीपी के लिए पैनल बनाने की तैयारी शुरू दी थी। इसका अर्थ यह लगाया जा रहा था कि राज्य सरकार अरोड़ा को एक्सटेंशन देने के बावजूद आगामी सितंबर माह तक इंतजार करने को तैयार नहीं है। वह जल्द से जल्द नए डीजीपी की नियुक्ति चाहती है।
दिनभर रही इस्तीफे की चर्चा
शुक्रवार सुबह से विभिन्न समाचार पोर्टल पर डीजीपी सुरेश अरोड़ा के इस्तीफे की खबरें चलने लगीं। इस खबर को उस समय ओर बल मिला जब डीजीपी कार्यालय में खबर की पुष्टि को लेकर पत्रकारों के फोन घनघनाने लगे। डीजीपी कार्यालय के कुछ प्रमुख अधिकारियों ने भी जानकारी दी कि साहब ने इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद अखबारों और टीवी चैनलों पर भी यह खबर ब्रेकिंग न्यूज बन गई। हालांकि पत्रकारों से बातचीत में डीजीपी ने इस पर विराम देते हुए कहा कि उन्होंने इस्तीफे की कोई पेशकश नहीं की है।