साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पंचकूला की इंस्पेक्टर राजेश कुमारी, एसआई भगवान दास और चंडीमंदिर के तत्कालीन एसएचओ राम कुमार के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। डीजीपी ने बताया कि मामले की जांच के लिए एसीपी कालका पवन कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है।
दो नाबालिग आरोपियों कि भी की गई है गिरफ्तारी
डीजीपी ने बताया कि 8 मार्च को इस मामले में दो नाबालिगों को गिरफ्तार कर जुवेनाइल बोर्ड के समक्ष पेश किया गया था। इनका मेडिकल करवा ब्लड सैंपल डीएनए टेस्ट के लिए भेज दिए गए हैं। इन दोनों की आईडेंटिफिकेशन परेड के लिए जुवेनाइल बोर्ड के समक्ष अर्जी भी दी गई है। शिनाख्त के तरीके को लेकर घिरी हरियाणा पुलिस ने हरियाणा पुलिस अकादमी के निदेशक को पत्र लिख ट्रेनिंग ले रहे अधिकारियों को आइडेंटिफिकेशन परेड (टीआईपी) कैसे करवाई जाए इसकी विशेष ट्रेनिंग देने के आदेश दिए हैं।
यह है मामला
मामले में आरोपी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि उसका नाम एफआईआर में नहीं था और न ही पीड़ित या अन्य किसी भी आरोपी ने उसका नाम लिया। केवल होटल मालिक के कॉल रिकॉर्ड के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। पीड़िता से व्हाट्सएप पर फोटो दिखा शिनाख्त करवाई जा रही है। जबकि कानूनी प्रावधान के तहत व्हाट्सएप के जरिए शिनाख्त करवाए जाने का कोई नियम ही नहीं है। इसके बाद हाईकोर्ट ने डीजीपी को तलब कर मामले पर जवाब मांगा था।