पुलिस महानिदेशक डा. केपी सिंह ने कहा कि अपनी खाकी की गरिमा को बरकरार रखना प्रत्येक पुलिस कर्मी का कर्तव्य बनता है। जब हमने खाकी डाली तो यह शपथ ली थी कि हम कानून व संविधान की गरिमा को बरकरार रखेंगे। इसके लिए चाहे हमें अपने प्राणों का बलिदान भी क्यों न देना पड़े। पिछले दिनों हुए आंदोलन के दौरान पुलिस की छवि पर दाग लगे हैं, लगे दागों को बिल्कुल नहीं रहने देना है। जनता की सेवा करते हुए पुलिस की छवि को सकारात्मक रुप से लोगों के बीच में बनाने का काम करेंगे।
डीजीपी शनिवार दोपहर को पुलिस लाइन में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान एक घंटा 40 मिनट तक अधिकारियों व कर्मचारियों से विभिन्न पहलुओं पर दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान रही खामियों से सीख लेने की जरूरत है। उन्होंने 1989 के आतंकवाद का जिक्र करते हुए कहा कि यही वो हरियाणा की पुलिस थी जब आतंकवाद को हरियाणा क्या अनेक जगहों से भागने के लिए मजबूर कर दिया था। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मचारी व अधिकारी जनता के साथ उचित व्यवहार करें तथा थानों में आने वाली शिकायतों को समयबद्ध तरीके से निपटाना सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान गाड़ी में रखें प्रशंसा पत्र, अच्छा काम करने वालों को करें सम्मानित
उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी कहा कि वह अपने कार्यालय में प्रतिदिन प्रात: समय निकालकर पुलिस कर्मियों की समस्याओं को सुनते हुए उनका निदान करने का काम करें। इसके साथ प्रति सोमवार को पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में प्रात: फोर्स के कर्मियों की समस्याओं को प्राथमिकता पर निपटाएं। पुलिस अधीक्षक समर टूर के तहत गांव में जाकर वहां के लोगों से बात करें। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को कहा कि जब भी कहीं विजिट पर निकलें तो गाड़ी में प्रशंसा पत्र व अन्य ईनाम रखें, जो भी कर्मी रास्ते में अपनी ड्यूटी को अच्छे से निभाता हुआ दिख रहा हो तो उसे मौके पर ही सम्मानित करने का काम करें ताकि उस कर्मी का मनोबल कई गुणा ज्यादा बढ़ जाए।
व्हाट्सएप पर भेजे गलत मेसेज तो कार्रवाई
डीजीपी ने कहा कि व्हा्टसएप तकनीक एक पहलू है लेकिन कुछ लोग इसे नकारात्मक तरीके से प्रयोग में लाते हैं। आंदोलन को उग्र बनाने में सबसे बड़ा कारण व्हाट्सएप में डाले गए गलत मेसेज ही रहे। इस प्रकार की अफवाह फैलाने पर उचित सजा का भी प्रावधान है। पुलिस उन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी जो गलत मेसेज भेजने का काम करते हैं। इस अवसर पर एसएसपी अभिषेक जोरवाल, एएसपी वसीम अकरम, डीएसपी कुलवंत बिश्रोई, दिनेश यादव, वीरेंद्र सांगवान, हरेंद्र सिंह, ममता सौदा मौजूद थे।
मीडिया से बना रखी दूरी
डीजीपी डा. केपी सिंह द्वारा पुलिस लाइन में ली गई अधिकारियों व पुलिस कर्मियों की मीटिंग को मीडिया से दूर ही रखा गया। इस दौरान डीसी विनय सिंह भी डीजीपी के स्वागत के लिए पुलिस लाइन पहुंचे, लेकिन वह भी केवल पहुंचने तक उनका स्वागत किया और वहीं से वापस चले गए। मीटिंग के संबोधन के समय वहां पर केवल पुलिस कर्मियों व अधिकारियों को ही रहने दिया।