सरकार अपने स्तर पर करे निगरानी : कैग
बहुत बड़ी राशि बकाया है, इसलिए सरकार अपने स्तर पर निगरानी करे। प्लॉट व अपार्टमेंट के वास्तविक खरीदारों के हित सुरक्षित करने के लिए सरकार को दोषी कालोनाइजर के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
संशोधित लाइसेंस फीस न वसूलने पर 13 करोड़ का नुकसान
सरकार ने अगस्त 2014 व फरवरी 2015 में लाइसेंस फीस को संशोधित किया। ये दरें 1 जून 2012 और 4 अप्रैल 2014 से प्रभावी थीं। दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि जुलाई 2012 से जून 2014 के बीच फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकूला व सोनीपत जिलों में आठ डेवलपर्स से पुरानी लाइसेंस दरें ही वसूली गईं, जिससे सरकार को 13 करोड़ रुपये की राजस्व हानि हुई।