लोकसभा चुनाव में खुलकर किसी दल का समर्थन करने से बच रहे डेरे
डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन ने साधी चुप्पी, आज संदेश जारी होने के आसार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा का राजनीति में डेरे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। लोकसभा हो या फिर विधानसभा चुनाव डेरों के लाखों अनुयायी माहौल और समीकरण बदलते रहे हैं, लेकिन इस बार हरियाणा के डेरों का माहौल कुछ बदला हुआ है। नेताओं ने डेरों के फेरे तो खूब लगाए, लेकिन कोई भी डेरा खुलकर किसी दल का समर्थन करने से बच रहा है। खासकर डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन ने इस बार राजनीतिक समर्थन को लेकर चुप्पी साध ली है। संभावना जताई जा रही है कि मतदान के एक दिन पहले रात में डेरे की ओर से संदेश जारी हो सकता है।
सिरसा का डेरा सच्चा सौदा लंबे समय तक हरियाणा की राजनीति के केंद्र में रहा है। हरियाणा व पंजाब सहित देश में डेरे के लाखों अनुयायी हैं और उनके वोट हासिल करने के लिए नेता अक्सर डेरामुखी के आगे नतमस्तक होते रहे हैं। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों की संख्या सिरसा, हिसार, कैथल, करनाल, अंबाला और रोहतक में अधिक है। साल 2014 के चुनाव में डेरे ने भाजपा का समर्थन किया था, लेकिन 2019 में डेरे ने चुप्पी साध ली। क्योंकि 2017 में साध्वी यौन शोषण केस में डेरा मुखी गुरमीत सिंह को सजा हो गई और उन्हें जेल भेज दिया गया। इसके बाद से नेताओं ने सार्वजनिक रूप से डेरे से दूरी बना ली है, लेकिन अंदरखाते वोटबैंक हासिल करने के लिए वह डेरे में मत्था टेकते रहे हैं।
इसी बीच डेरे ने भी अपनी राजनीतिक विंग को भंग कर दिया है। लेकिन हाल ही में 18 मई को डेरा मुखी की मुंह बोली बेटी हनीप्रीत रोहतक की सुनारिया जेल में गुरमीत सिंह से मिलने पहुंची थी। माना जा रहा है कि डेरा प्रमुख ने हनीप्रीत से लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा की और अनुयायियों के लिए अपना संदेश दे दिया है। लोकसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के तमाम डेरा संचालकों के साथ बैठकें की थीं और वह खुद डेरोें में मत्था टेककर आशीर्वाद लेने पहुंचे थे।
पूरे प्रदेश में फैले अनुयायी
हरियाणा में एक दर्जन भर से अधिक धार्मिक डेरे हैं। इनमें डेरा सच्चा सौदा सिरसा, डेरा समैण, संत निरंकारी मिशन और राधा स्वामी सत्संग का अधिक प्रभाव है। इनके अलावा रामपाल के भी समर्थक हैं। हालांकि, डेरा सच्चा सौदा प्रमुख और रामपाल दोनों ही विवादित हैं। इनके अलावा हर जिले में छोटे-छोटे डेरे भी हैं जहां आसपास के शहर और गांवों के लोगों की आस्था जुड़ी है।