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राम रहीम समेत 4 दोषियों को उम्रकैद, दंगे से निपटने के लिए जवानों को दी गई थी विशेष ट्रेनिंग

Fri, 18 Jan 2019 09:06 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला सिटी/रोहतक (हरियाणा)
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Ram Rahim - फोटो : File Photo
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पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में अंबाला सेंट्रल जेल में बंद तीन दोषियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सजा सुनाई गई। गुरुवार को दोषियों को सजा सुनाने को लेकर दिनभर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। दोपहर बाद दोषियों को सजा सुनाते ही पुलिस ने जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया। प्रमुख स्थानों पर नाकेबंदी रही, जबकि सेंट्रल जेल के आसपास इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात किया गया। आईटीबीपी कंपनी को भी महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया, ताकि किसी भी आपात परिस्थिति से निपटा जा सके।    

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अंबाला सेंट्रल जेल में बंद रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड के तीन दोषियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह व कृष्ण लाल की सुरक्षा कारणों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। सेंट्रल जेल में इसके लिए पूरा इंतजाम किया गया था। अलग कमरे में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। पेशी से पहले तीनों का जेल परिसर में ही डॉक्टरों की टीम ने मेडिकल किया था। 

सजा के बाद फिलहाल तीनों को जेल की स्पेशल सेल में सामान्य कैदियों से अलग रखा गया है। तीनों पर जेल प्रशासन कड़ी निगरानी भी रख रहा है। बता दें कि सेंट्रल जेल में कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह व कृष्ण लाल 11 जनवरी से बंद हैं। 11 जनवरी को ही पंचकूला स्थित विशेष अदालत ने तीनों एवं राम रहीम को दोषी करार दिया था।       

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दिनभर रही कड़ी सुरक्षा, वाहनों की चेकिंग       

सुरक्षा में तैनात जवान
गुरुवार सुबह से ही सेंट्रल जेल के आसपास क्षेत्र के अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सिविल अस्पताल व अन्य सार्वजनिक और महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस ने सुरक्षा का पहरा मजबूत कर दिया था। आईटीबीपी की कंपनी में करीब सौ जवान शामिल थे, जिन्हें सिटी, कैंट व साहा में अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया। सेंट्रल जेल के मुख्य गेट के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया। यहां पर नाकेबंदी की गई, जो कि देर शाम तक रही। 
 
सजा को लेकर जिले में पहले से सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई थी। दोपहर बाद और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। दिनभर पुलिस टीमों ने गश्त की। नाकेबंदी कर कई वाहनों की तलाशी ली गई।-अनिल गुर्जर, डीएसपी, अंबाला कैंट

 दंगों से निपटने के लिए आरएएफ की पांच कंपनियों को दी थी विशेष ट्रेनिंग
 पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में आने वाले फैसले को लेकर दंगे-बवाल की आशंका को लेकर सरकार सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती थी। यहीं कारण था कि इनसे निपटने को रोहतक में विशेष ट्रेनिंग प्राप्त रेपिड एक्शन फोर्स की कंपनी को भेजा गया था। हाल ही में आरएएफ की पांच कंपनियों को मेरठ, पंचकूला में विशेष ट्रेनिंग दी गई थी। कंपनी में बीस महिला पुलिसकर्मी भी शामिल रहीं
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राम रहीम - फोटो : self
राम रहीम पर आने वाले फैसले के मद्देनजर अर्ध सैनिक बल की एक टुकड़ी को भी रोहतक के विभिन्न स्थानों पर तैनात करने के निर्देश दिए गए थे। सुरक्षा की दृष्टि से बुधवार को ही अर्ध सैनिक बल आरएएफ की एक कंपनी फोर्स रोहतक पहुंच गई थी। फोर्स के जवानों ने रोहतक के अलावा सुनारिया जेल के आसपास क्षेत्र में पहुंचकर भौगोलिक स्थिति का जायजा लिया था। 

आरएएफ के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रोहतक में बवाल की आशंका के मद्देनजर अधिकारियों ने जनवरी माह में ही मेरठ, पंचकूला में विशेष ट्रेनिंग प्राप्त करने वाली आरएएफ की एक कंपनी को यहां पर भेजने का निर्णय लिया था। जालंधर से एक कंपनी फोर्स रोहतक पहुंची। हरियाणा के अलावा यूपी, राजस्थान, पंजाब समेत विभिन्न राज्यों में बवाल और दंगे रोकने के उद्देश्य से भेजा जाएगा। 

मात्र 20 मिनट में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हैं जवान
अधिकारी ने बताया कि विशेष ट्रेनिंग प्राप्त करने वाली फोर्स की खास बात यह है कि सूचना मिलने के बीस मिनट के अंदर ही फोर्स मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करती है। इसके लिए पहले दिन ही पहुंचकर भौगोलिक स्थिति का जायजा ले ले लिया जाता है। फोर्स वाटर कैनन गन, इंशाश से लेकर पेपर गन से लेस रहते हैं।
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