अहमदगढ़ में 25 फरवरी की शाम नामचर्चा घर में अज्ञात हमलावरों की गोलियों के शिकार हुए डेरा प्रेमी पिता-पुत्र का बुधवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम यात्रा में हजारों डेरा प्रेमी शामिल हुए।
इससे पहले नामचर्चा घर से दोनों पिता-पुत्र के पार्थिव शरीर को फूलों वाली गाड़ियां में ले जाया गया। हजारों की संख्या में लंबे काफिले ने शांत प्रदर्शन किया। काफिले में मौजूद डेरा प्रेमियों ने हाथों में हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने के लिखे बैनर पकड़े थे।
मौके पर पहुंचे डीजीपी (क्राइम) हरदीप सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब पुलिस को मृतकों के परिवार से पूरी हमदर्दी है। उन्होंने डेरा प्रेमियों को आश्वासन दिलाया कि सतपाल और रमेश के कातिलों को पुलिस पांच दिन के भीतर गिरफ्तार कर लेगी। उन्होंने एलान किया कि पंजाब पुलिस मृतकों के दोनों परिवारों को दस-दस लाख रुपये का मुआवजा देगी और एक-एक सदस्य को पंजाब पुलिस में सरकारी नौकरी दी जाएगी। मृतक रमेश की छोटी बच्ची दीया के नाम पर पांच लाख रुपये की एफडी के अलावा उसकी सारी शिक्षा और उसकी आंख के इलाज तक का खर्च पंजाब पुलिस उठाएगी।