बावजूद इसके कुंडू निर्दलीय ही चुनाव जीतने में सफल रहे। खास बात यह रही कि उन्होंने न केवल कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं जीत की हलके से हैट्रिक बना चुके आनंद सिंह दांगी को हराया, बल्कि भाजपा को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व सीएम मनोहर लाल द्वारा हलके में रैली करने के बावजूद शिकस्त दी।
इनेलो ने हलके के अंदर अपना प्रत्याशी उतारने के बजाए कुंडू को ही समर्थन दे दिया था, जबकि दुष्यंत चौटाला का प्रत्याशी खास वोट हासिल नहीं कर सका। भाजपा और जजपा गठबंधन सरकार को कुंडू बाहर से समर्थन दे रहे हैं। हालांकि उनको सरकार में अभी कोई पद नहीं मिला है।
कुंडू ने खुलकर की थी दुष्यंत चौटाला की तारीफ, छह दिन बाद ही फार्म हाउस पर मुलाकात
कभी पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर से कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले महम के विधायक बलराज कुंडू ने 3 जनवरी को मैना पर्यटन केंद्र पर मीडिया के सामने साफ कहा था कि दुष्यंत चौटाला और दीपेंद्र हुड्डा प्रदेश के उभरते युवा नेता हैं। हुड्डा ने दो दिन पहले कुंडू के पूर्व मंत्री ग्रोवर पर लगाए आरोपों की सीबीआई जांच की मांग की थी, जबकि दुष्यंत चौटाला तो छह दिन बाद गुरुवार को कुंडू के फार्म हाउस पर चाय पीने ही पहुंच गए। खुलकर चाहे दोनों नेता अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं, लेकिन सियासी हलकों में अंदाजा लगाया जा रहा है कि कुंडू ने महम हलके की सियासत में धमाके की तैयारी कर ली है।
दुष्यंत चौटाला प्रदेश के डिप्टी सीएम हैं। इस नाते वे चाय पीने आए थे। ऐसे में राजनीतिक बातें होना स्वाभाविक है। जजपा ज्वाइन करने जैसी कोई बात नहीं है। फिलहाल निर्दलीय विधायक हूं। मेरी कोई पार्टी नहीं है। बलराज कुंडू, विधायक महम
महम विधायक बलराज कुंडू के आवास या फार्म हाउस पर चाय का प्रोग्राम एक दिन पहले तय हुआ था। वे भी डिप्टी सीएम के साथ फार्म हाउस पर गए थे। महम हलके में जनसभा की बातचीत हुई है। अब जनसभा कब होगी और किस लिए होगी, इतना उनको पता नहीं है। एडवोकेट बलवान सुहाग, जिलाध्यक्ष, जन नायक जनता पार्टी